
75 Mahila Swatantrata Senani: Indian Women Freedom Fighters — 75 Brave Women Of The Indian Independence Movement Biography-Mamta Chandrasekhar
75 Mahila Swatantrata Senani: Indian Women Freedom Fighters — 75 Brave Women Of The Indian Independence Movement Biography-Mamta Chandrasekhar
About the Products:
इतिहास गवाह है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अनंत महिलाओं ने अपने साहस व बहादुरी के बल पर देश की दशा व दिशा बदल दी। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर क्रांतिकारी गातिविधियों में अभूर्तपूर्व योगदान दिया। शुरुआती दौर में रानी अवंती बाई, रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हजरत महल, अजीजन बाई, झलकारी बाई जैसी अनेक वीरांगनाओं ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जंग में अपने पराक्रम से खुद को अमर कर लिया। भारत के क्रांतिकारी आंदोलन में भी महिलाओं ने बड़ी भूमिका निभाई। मास्टर सूर्यसेन के नेतृत्व में कल्पना दास एवं प्रीती लता वाडेकर ने क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया था। सुनीति चौधरी, शांतिघोष और बीनादास ने भी क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। लीलानाग नामक महिला ने 1923 में ‘दीपाली संघ’ की स्थापना की थी। इसमें युवतियों को शस्त्र चलाने और बम बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता था। इस प्रकार भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। वे घर की चारदीवारी से बाहर निकलीं और अपनी अपूर्व राष्ट्रीय भावना का परिचय दिया। कई ने तो देश की आजादी के लिए हथियार भी उठाए। उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानी महिलाओं में से 75 स्वतंत्रता महिला सेनानियों के संघर्ष, उनके दारुण कष्ट और मातृभूमि पर उनकेबलिदानों को इस पुस्तक में याद किया गया है। उनके व्यक्तित्व व कृतित्व की कहानियाँ हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं।
Language: Hindi
Page No: 232
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
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75 Mahila Swatantrata Senani: Indian Women Freedom Fighters — 75 Brave Women Of The Indian Independence Movement Biography-Mamta Chandrasekhar
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इतिहास गवाह है कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अनंत महिलाओं ने अपने साहस व बहादुरी के बल पर देश की दशा व दिशा बदल दी। पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर क्रांतिकारी गातिविधियों में अभूर्तपूर्व योगदान दिया। शुरुआती दौर में रानी अवंती बाई, रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हजरत महल, अजीजन बाई, झलकारी बाई जैसी अनेक वीरांगनाओं ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जंग में अपने पराक्रम से खुद को अमर कर लिया। भारत के क्रांतिकारी आंदोलन में भी महिलाओं ने बड़ी भूमिका निभाई। मास्टर सूर्यसेन के नेतृत्व में कल्पना दास एवं प्रीती लता वाडेकर ने क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया था। सुनीति चौधरी, शांतिघोष और बीनादास ने भी क्रांतिकारी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। लीलानाग नामक महिला ने 1923 में ‘दीपाली संघ’ की स्थापना की थी। इसमें युवतियों को शस्त्र चलाने और बम बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता था। इस प्रकार भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। वे घर की चारदीवारी से बाहर निकलीं और अपनी अपूर्व राष्ट्रीय भावना का परिचय दिया। कई ने तो देश की आजादी के लिए हथियार भी उठाए। उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानी महिलाओं में से 75 स्वतंत्रता महिला सेनानियों के संघर्ष, उनके दारुण कष्ट और मातृभूमि पर उनकेबलिदानों को इस पुस्तक में याद किया गया है। उनके व्यक्तित्व व कृतित्व की कहानियाँ हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं।
Language: Hindi
Page No: 232
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