HomeStore

Best Of Alhar Bikaneri: A Renowned Hindi Hasya Ras (Humour) And Urdu Poet-Alhad Bikaneri

Product image 1

Best Of Alhar Bikaneri: A Renowned Hindi Hasya Ras (Humour) And Urdu Poet-Alhad Bikaneri

Best Of Alhar Bikaneri: A Renowned Hindi Hasya Ras (Humour) And Urdu Poet-Alhad Bikaneri

About the Products:

बेस्ट ऑफ अल्हड़ बीकानेरी दोउ कर जोरे, खीस निपोरे हर वोटर पर डालें डोरे चपरासी को बोलें चाचा पुलिसमैन को कहें पिताजी वोट माँगन निकले नेताजी। चाल रेशमी, ढाल रेशमी काँधे ऊपर शॉल रेशमी सिर पर खादी-कैप ओढ़कर लगें लोमड़ी के फूफाजी वोट माँगन निकले नेताजी। आगे झंडे, पीछे डंडे दाएँ-बाएँ दस मुसटंडे आरती-वंदन करे चमचियाँ थैली भेंट करें चमचाजी वोट माँगन निकले नेताजी। घर-घर डोलें, वोट टटोलें नई दुल्हन को बहना बोलें दूल्हे के आगे मिमियाएँ ‘वोट हमें देना जीजाजी’ वोट माँगन निकले नेताजी। —इसी संकलन से सुप्रसिद्ध हास्य-व्यंग्यकार श्री अल्हड़ बीकानेरी सन् 1962 से ही श्रोता-पाठकों को गजल-गीत की रसधारा में डुबकियाँ लगवाते रहे हैं। जिन सामाजिक रूढ़ियों, आर्थिक दुश्‍च‌िंताओं, राजनीतिक विडंबनाओं, प्रशासनिक विसंगतियों तथा क्षणभंगुर जीवन की विद्रूपताओं ने कवि के......

Language: Hindi

Page No: 168

Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.

$15.67
Best Of Alhar Bikaneri: A Renowned Hindi Hasya Ras (Humour) And Urdu Poet-Alhad Bikaneri
$15.67

Product Information

Shipping & Returns

Description

Best Of Alhar Bikaneri: A Renowned Hindi Hasya Ras (Humour) And Urdu Poet-Alhad Bikaneri

About the Products:

बेस्ट ऑफ अल्हड़ बीकानेरी दोउ कर जोरे, खीस निपोरे हर वोटर पर डालें डोरे चपरासी को बोलें चाचा पुलिसमैन को कहें पिताजी वोट माँगन निकले नेताजी। चाल रेशमी, ढाल रेशमी काँधे ऊपर शॉल रेशमी सिर पर खादी-कैप ओढ़कर लगें लोमड़ी के फूफाजी वोट माँगन निकले नेताजी। आगे झंडे, पीछे डंडे दाएँ-बाएँ दस मुसटंडे आरती-वंदन करे चमचियाँ थैली भेंट करें चमचाजी वोट माँगन निकले नेताजी। घर-घर डोलें, वोट टटोलें नई दुल्हन को बहना बोलें दूल्हे के आगे मिमियाएँ ‘वोट हमें देना जीजाजी’ वोट माँगन निकले नेताजी। —इसी संकलन से सुप्रसिद्ध हास्य-व्यंग्यकार श्री अल्हड़ बीकानेरी सन् 1962 से ही श्रोता-पाठकों को गजल-गीत की रसधारा में डुबकियाँ लगवाते रहे हैं। जिन सामाजिक रूढ़ियों, आर्थिक दुश्‍च‌िंताओं, राजनीतिक विडंबनाओं, प्रशासनिक विसंगतियों तथा क्षणभंगुर जीवन की विद्रूपताओं ने कवि के......

Language: Hindi

Page No: 168

Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.

Best Of Alhar Bikaneri: A Renowned Hindi Hasya Ras (Humour) And Urdu Poet-Alhad Bikaneri | Dista