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Bhad Mein Jaye Vo Naukri - Vijeta Dahiya

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Bhad Mein Jaye Vo Naukri - Vijeta Dahiya

Bhad Mein Jaye Vo Naukri - Vijeta Dahiya

About The Product:

"नौकरी ने खून चूस लिया है बिल्कुल! 15-16 घंटे काम करो. काम इतना बोरिंग, इतना stress! क्या खाक़ नौकरी है!" क्या आपको भी ऐसा लगता है अपनी नौकरी में? या आप बेरोज़गार हैं और ऐसी ज़हरीली नौकरी में आने की कोशिश कर रहे हैं? भाड़ में जाए वो नौकरी! अपना पैशन ढूँढो और उसी को अपना प्रोफ़ैशन बना लो। कहना आसान है, करना मुश्किल। माँ-बाप और समाज का प्रैशर अपने मन में भी घबराहट होती है। फ़्लैट और कार के लोन की किश्तें जा रही हैं। ये पता नहीं कि अपना पैशन है क्या! दूसरों से निर्देश लेने की आदत है, क्योंकि कभी ख़ुद का तो कुछ किया नहीं। नौकरी के बिना गुज़ारा कैसे होगा? इसलिए जब आपका दोस्त आपको मोटिवेशन देता है कि छोड़ इस नौकरी को, या आप फ़स्ट्रेशन में ख़ुद से ऐसा कहते हैं, तो यह काफ़ी नहीं होता। लेकिन कैसा होगा, अगर कोई इन सब समस्याओं को सुलझाते हुए आपको एक डिटेल्ड प्लान दे - 275 पन्नों की एक किताब में! इस किताब के लेखक एक ग्रामीण मिडिल क्लास परिवार से हैं। उन्होंने एक कॉरपोरेट नौकरी, 'ग्रुप-बी' सरकारी नौकरी और मीडिया नौकरी को छोड़ा और आख़िरकार, अपने लेखन और फ़िल्ममेकिंग के पैशन को अपना प्रोफ़ैशन बनाने में कामयाब रहे। सपनों के इस सफ़र में जो कुछ उन्होंने सीखा, वह सबकुछ इस किताब में डाल दिया है। जब आप इस किताब को पढ़ेंगे, तो वे 9-10 घंटे आपकी पूरी ज़िंदगी बदल देंगे।

Product Details:

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 275
  • Publisher Name: Yuvaan Books
  • Publishing Date: 2025
  • Legal Disclaimer : Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

    $5.80

    Original: $16.56

    -65%
    Bhad Mein Jaye Vo Naukri - Vijeta Dahiya

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    Description

    Bhad Mein Jaye Vo Naukri - Vijeta Dahiya

    About The Product:

    "नौकरी ने खून चूस लिया है बिल्कुल! 15-16 घंटे काम करो. काम इतना बोरिंग, इतना stress! क्या खाक़ नौकरी है!" क्या आपको भी ऐसा लगता है अपनी नौकरी में? या आप बेरोज़गार हैं और ऐसी ज़हरीली नौकरी में आने की कोशिश कर रहे हैं? भाड़ में जाए वो नौकरी! अपना पैशन ढूँढो और उसी को अपना प्रोफ़ैशन बना लो। कहना आसान है, करना मुश्किल। माँ-बाप और समाज का प्रैशर अपने मन में भी घबराहट होती है। फ़्लैट और कार के लोन की किश्तें जा रही हैं। ये पता नहीं कि अपना पैशन है क्या! दूसरों से निर्देश लेने की आदत है, क्योंकि कभी ख़ुद का तो कुछ किया नहीं। नौकरी के बिना गुज़ारा कैसे होगा? इसलिए जब आपका दोस्त आपको मोटिवेशन देता है कि छोड़ इस नौकरी को, या आप फ़स्ट्रेशन में ख़ुद से ऐसा कहते हैं, तो यह काफ़ी नहीं होता। लेकिन कैसा होगा, अगर कोई इन सब समस्याओं को सुलझाते हुए आपको एक डिटेल्ड प्लान दे - 275 पन्नों की एक किताब में! इस किताब के लेखक एक ग्रामीण मिडिल क्लास परिवार से हैं। उन्होंने एक कॉरपोरेट नौकरी, 'ग्रुप-बी' सरकारी नौकरी और मीडिया नौकरी को छोड़ा और आख़िरकार, अपने लेखन और फ़िल्ममेकिंग के पैशन को अपना प्रोफ़ैशन बनाने में कामयाब रहे। सपनों के इस सफ़र में जो कुछ उन्होंने सीखा, वह सबकुछ इस किताब में डाल दिया है। जब आप इस किताब को पढ़ेंगे, तो वे 9-10 घंटे आपकी पूरी ज़िंदगी बदल देंगे।

    Product Details:

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 275
  • Publisher Name: Yuvaan Books
  • Publishing Date: 2025
  • Legal Disclaimer : Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.