

Buddham Sharanam Gachhami - Rajendra Mohan Bhatnagar
Buddham Sharanam Gachhami - Rajendra Mohan Bhatnagar
About The Product:
बुद्धम् शरणम् गच्छामि गौतम बुद्ध के जीवन पर आधारित उपन्यास है। गौतम बुद्ध एक श्रमण थे जिनकी शिक्षाओं पर बौद्ध धर्म की स्थापना हुई। इनका जन्म कपिलवस्तु (वर्तमान नेपाल में) के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। उनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था और वे बचपन से ही दयालु थे। 29 वर्ष की आयु में सिद्धार्थ अपने नवजात शिशु राहुल, धर्मपत्नी यशोधरा और राजपाठ का मोह त्यागकर सत्य ज्ञान की खोज में वन की ओर चले गए। वर्षों की कठोर साधना के पश्चात बोध गया (बिहार) में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे सिद्धार्थ से भगवान बुद्ध बन गए। भगवान बुद्ध ने ‘बहुजन हिताय’ लोककल्याण के लिए अपने धर्म का देश-विदेश में प्रचार करने के लिए भिक्षुओं को भेजा। जिन्होंने भारत से निकालकर चीन, जापान, कोरिया, मंगोलिया, बर्मा, थाईलैंड, श्रीलंका आदि देशों में बौद्ध धर्म को फैलाया और जहाँ बौद्ध धर्म आज भी बहुसंख्यक धर्म है। राजस्थान साहित्य अकादमी के सर्वोच्च सम्मान ‘मीरा पुरस्कार’ और ‘विशिष्ट साहित्यकार सम्मान’ आदि पुरस्कारों से सम्मानित राजेन्द्र मोहन भटनागर अपने ऐतिहासिक उपन्यासों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। युगपुरुष अंबेडकर, विवेकानन्द, सरदार, दलित संत, गौरांग, कुली बैरिस्टर और शहादत उनकी कुछ लोकप्रिय रचनाएँ हैं।
Product Details:
Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.
Original: $20.56
-65%$20.56
$7.20Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns
Description
Buddham Sharanam Gachhami - Rajendra Mohan Bhatnagar
About The Product:
बुद्धम् शरणम् गच्छामि गौतम बुद्ध के जीवन पर आधारित उपन्यास है। गौतम बुद्ध एक श्रमण थे जिनकी शिक्षाओं पर बौद्ध धर्म की स्थापना हुई। इनका जन्म कपिलवस्तु (वर्तमान नेपाल में) के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। उनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था और वे बचपन से ही दयालु थे। 29 वर्ष की आयु में सिद्धार्थ अपने नवजात शिशु राहुल, धर्मपत्नी यशोधरा और राजपाठ का मोह त्यागकर सत्य ज्ञान की खोज में वन की ओर चले गए। वर्षों की कठोर साधना के पश्चात बोध गया (बिहार) में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे सिद्धार्थ से भगवान बुद्ध बन गए। भगवान बुद्ध ने ‘बहुजन हिताय’ लोककल्याण के लिए अपने धर्म का देश-विदेश में प्रचार करने के लिए भिक्षुओं को भेजा। जिन्होंने भारत से निकालकर चीन, जापान, कोरिया, मंगोलिया, बर्मा, थाईलैंड, श्रीलंका आदि देशों में बौद्ध धर्म को फैलाया और जहाँ बौद्ध धर्म आज भी बहुसंख्यक धर्म है। राजस्थान साहित्य अकादमी के सर्वोच्च सम्मान ‘मीरा पुरस्कार’ और ‘विशिष्ट साहित्यकार सम्मान’ आदि पुरस्कारों से सम्मानित राजेन्द्र मोहन भटनागर अपने ऐतिहासिक उपन्यासों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। युगपुरुष अंबेडकर, विवेकानन्द, सरदार, दलित संत, गौरांग, कुली बैरिस्टर और शहादत उनकी कुछ लोकप्रिय रचनाएँ हैं।
Product Details:
Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.












