
Dastan-E-Pakistan : Jinnah Se Jihad Tak | The Country Is Writing The Story Of Its Own Destruction-Balbir Dutt
Dastan-E-Pakistan : Jinnah Se Jihad Tak | The Country Is Writing The Story Of Its Own Destruction-Balbir Dutt
About the Products:
पाकिस्तान किसी भौगोलिक इकाई का नाम नहीं है, बल्कि एक बैरी मानसिकता और जेहनियत यानी धारणा का प्रतिनिधित्व करता है। यह तो केवल साम्राज्यवादी ब्रिटिश सत्ता का राजनीतिक खेल था, जिसने मजहब के नाम पर इस अलग देश का गठन किया। भारत के नक्शे पर कलम की नोक से लाइन खींचकर इसे बनाया गया है। इस तरह से कोई देश नहीं बनता। कोई भी स्वाभाविक देश सैकड़ों-हजारों वर्षों के अपने भौगोलिक व राजनीतिक स्वरूप और अपनी सामाजिक-सांस्कृतिक अस्मिता को सजाते- सँवारते, निखारते हुए अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाता है। वस्तुस्थिति यह है कि हिंदू-विरोध या भारत-विरोध ही पाकिस्तान को जोड़े हुए है। यह विरोध ही उसके वजूद की बुनियाद है। पाकिस्तान के हुक्मरानों ने बांग्लादेश के घटनाविकास से कोई सबक ग्रहण नहीं किया। पाकिस्तान का यह दुर्भाग्य रहा है कि वहाँ आरंभ से ही साजिशों के भीतर साजिशें पकती रही हैं। पाकिस्तान में आम लोग आतंकवाद के विरुद्ध हैं, लेकिन वे मजहबी कट्टरवाद के समर्थक हैं। हमारे देश के जागरूक नागरिकों को अपने इस विलक्षण पड़ोसी देश के बारे में अधिक-से-अधिक जानकारी प्राप्त करने की जरूरत है। कटु यथार्थ है कि पड़ोस में लगने वाली आग की आँच से बचना मुश्किल है। इस पुस्तक में पाकिस्तान से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों, राजनीतिक सच्चाइयों और आर्थिक विसंगतियों को उजागर किया गया है। पाकिस्तान के सभी गंभीर पर्यवेक्षकों के लिए यह पुस्तक अपरिहार्य है।
Language: Hindi
Page No: 496
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $32.23
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Dastan-E-Pakistan : Jinnah Se Jihad Tak | The Country Is Writing The Story Of Its Own Destruction-Balbir Dutt
About the Products:
पाकिस्तान किसी भौगोलिक इकाई का नाम नहीं है, बल्कि एक बैरी मानसिकता और जेहनियत यानी धारणा का प्रतिनिधित्व करता है। यह तो केवल साम्राज्यवादी ब्रिटिश सत्ता का राजनीतिक खेल था, जिसने मजहब के नाम पर इस अलग देश का गठन किया। भारत के नक्शे पर कलम की नोक से लाइन खींचकर इसे बनाया गया है। इस तरह से कोई देश नहीं बनता। कोई भी स्वाभाविक देश सैकड़ों-हजारों वर्षों के अपने भौगोलिक व राजनीतिक स्वरूप और अपनी सामाजिक-सांस्कृतिक अस्मिता को सजाते- सँवारते, निखारते हुए अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाता है। वस्तुस्थिति यह है कि हिंदू-विरोध या भारत-विरोध ही पाकिस्तान को जोड़े हुए है। यह विरोध ही उसके वजूद की बुनियाद है। पाकिस्तान के हुक्मरानों ने बांग्लादेश के घटनाविकास से कोई सबक ग्रहण नहीं किया। पाकिस्तान का यह दुर्भाग्य रहा है कि वहाँ आरंभ से ही साजिशों के भीतर साजिशें पकती रही हैं। पाकिस्तान में आम लोग आतंकवाद के विरुद्ध हैं, लेकिन वे मजहबी कट्टरवाद के समर्थक हैं। हमारे देश के जागरूक नागरिकों को अपने इस विलक्षण पड़ोसी देश के बारे में अधिक-से-अधिक जानकारी प्राप्त करने की जरूरत है। कटु यथार्थ है कि पड़ोस में लगने वाली आग की आँच से बचना मुश्किल है। इस पुस्तक में पाकिस्तान से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों, राजनीतिक सच्चाइयों और आर्थिक विसंगतियों को उजागर किया गया है। पाकिस्तान के सभी गंभीर पर्यवेक्षकों के लिए यह पुस्तक अपरिहार्य है।
Language: Hindi
Page No: 496
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