
Gurudev Ki Pavitra Vani-Swami Vivekananda
Gurudev Ki Pavitra Vani-Swami Vivekananda
About the Products:
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने एक बार कहा था, “यदि आप भारत को जानना चाहते हैं तो विवेकानंद को पढ़िए। उनमें आप सबकुछ सकारात्मक ही पाएंगे, नकारात्मक कुछ भी नहीं ।” रोम्या रोलाँ ने स्वामी विवेकानंद के बारे में कहा था— 'उनके द्वितीय होने की कल्पना करना भी असंभव है। वे जहाँ भी गए, सर्वप्रथम हुए...हर कोई उनमें अपने नेता का दिग्दर्शन करता था। वे ईश्वर के प्रतिनिधि थे तथा सब पर प्रभुत्व प्राप्त कर लेना ही उनकी विशिष्टता थी। हिमालय प्रदेश में एक बार एक अनजान यात्री उन्हें देख, ठिठककर रुक गया और आश्चर्यपूर्वक चिल्ला उठा- ' शिव !' यह ऐसा हुआ, मानो उस व्यक्ति के आराध्य देव ने अपना नाम उनके माथे पर लिख दिया हो।‘ प्रस्तुत पुस्तक ‘गुरुदेव की पवित्र वाणी' में स्वामीजी ने सरल शब्दों में अपने गुरु परम पूजनीय श्रीरामकृष्ण के दैनंदिन उपदेशों का संकलन किया है। ये उपदेश उनके लिए भी प्रेरक और मार्गदर्शक बने। इनके माध्यम से हर व्यक्ति अपने आध्यात्मिक जीवन को प्रशस्त कर मानव जीवन को सार्थक कर सकता है।
Language: Hindi
Page No: 144
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns
Description
Gurudev Ki Pavitra Vani-Swami Vivekananda
About the Products:
गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने एक बार कहा था, “यदि आप भारत को जानना चाहते हैं तो विवेकानंद को पढ़िए। उनमें आप सबकुछ सकारात्मक ही पाएंगे, नकारात्मक कुछ भी नहीं ।” रोम्या रोलाँ ने स्वामी विवेकानंद के बारे में कहा था— 'उनके द्वितीय होने की कल्पना करना भी असंभव है। वे जहाँ भी गए, सर्वप्रथम हुए...हर कोई उनमें अपने नेता का दिग्दर्शन करता था। वे ईश्वर के प्रतिनिधि थे तथा सब पर प्रभुत्व प्राप्त कर लेना ही उनकी विशिष्टता थी। हिमालय प्रदेश में एक बार एक अनजान यात्री उन्हें देख, ठिठककर रुक गया और आश्चर्यपूर्वक चिल्ला उठा- ' शिव !' यह ऐसा हुआ, मानो उस व्यक्ति के आराध्य देव ने अपना नाम उनके माथे पर लिख दिया हो।‘ प्रस्तुत पुस्तक ‘गुरुदेव की पवित्र वाणी' में स्वामीजी ने सरल शब्दों में अपने गुरु परम पूजनीय श्रीरामकृष्ण के दैनंदिन उपदेशों का संकलन किया है। ये उपदेश उनके लिए भी प्रेरक और मार्गदर्शक बने। इनके माध्यम से हर व्यक्ति अपने आध्यात्मिक जीवन को प्रशस्त कर मानव जीवन को सार्थक कर सकता है।
Language: Hindi
Page No: 144
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.












