
Hawa Ka Jhonka Thi Vah-Anita Rashmi
Hawa Ka Jhonka Thi Vah-Anita Rashmi
About the Products:
“अरे मीनवा! इतनी रात को यहाँ?” वह लगभग मुझे धक्का देती हुई अंदर घुसी थी, मेरे लॉन की धूल को अपने पाँवों के साथ लेकर। “क्या बात है मीना, इतनी घबराई हुई क्यों हो? तुम्हारा हसबैंड तो ठीक है या बच्चे?” प्रश्नों की बौछार झेलती मीना तन का भार न झेल सकी थी। जमीन पर धम से बैठ गई थी। तब मैंने देखा कि... तब तक वह कह चुकी थी, ”दीदी, हम मार देलि। मार दिए उसको...।” “किसको?” “ऊ हरामी को। आय रहे हमर मरद मन के मारे, आउर हमके बेइज्जत करे... बस, सब झमेला खतमे कर देलि।” उसकी खिचड़ी भाषा पर ध्यान नहीं था मेरा, जो वह अब प्राय: बोलने लगी थी। मैं उसके हाथ में लहू से लाल हँसुआ को देखती रह गई थी—किंकर्तव्यविमूढ़! —इसी संग्रह से
Language: Hindi
Page No: 152
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $14.21
-65%$14.21
$4.97Product Information
Product Information
Shipping & Returns
Shipping & Returns
Description
Hawa Ka Jhonka Thi Vah-Anita Rashmi
About the Products:
“अरे मीनवा! इतनी रात को यहाँ?” वह लगभग मुझे धक्का देती हुई अंदर घुसी थी, मेरे लॉन की धूल को अपने पाँवों के साथ लेकर। “क्या बात है मीना, इतनी घबराई हुई क्यों हो? तुम्हारा हसबैंड तो ठीक है या बच्चे?” प्रश्नों की बौछार झेलती मीना तन का भार न झेल सकी थी। जमीन पर धम से बैठ गई थी। तब मैंने देखा कि... तब तक वह कह चुकी थी, ”दीदी, हम मार देलि। मार दिए उसको...।” “किसको?” “ऊ हरामी को। आय रहे हमर मरद मन के मारे, आउर हमके बेइज्जत करे... बस, सब झमेला खतमे कर देलि।” उसकी खिचड़ी भाषा पर ध्यान नहीं था मेरा, जो वह अब प्राय: बोलने लगी थी। मैं उसके हाथ में लहू से लाल हँसुआ को देखती रह गई थी—किंकर्तव्यविमूढ़! —इसी संग्रह से
Language: Hindi
Page No: 152
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.












