
Hi-Tech Stories Book In Hindi-Karuna Pande
Hi-Tech Stories Book In Hindi-Karuna Pande
About the Products:
"तपस्या- कितना गहरा शब्द है यह समुद्र की तरह, और कितनी ऊँचाई लिये है यह पर्वत की तरह, निःस्तब्ध और शांत है यह आकाश की तरह, सबकुछ सहन करता पृथ्वी की तरह। तपस्या और तुम - एक शब्द, एक व्यक्तित्व हो। तुम्हारा हर शब्द एक आकार, एक व्यक्तित्व और एक चेतनामयी प्रतिमान बन जाता है। कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनके पास बैठकर एक अनिर्वचनीय अनुभूति और आनंद मिलता है, एक अलग रिश्तों का एहसास होता है। तुम एक ही हो दोस्त!" कहते-कहते लेखनी की आँखों में दर्प-सा आ गया। - इसी पुस्तक से समकालीनता की छाँव में पल्लवित इन कहानियों में आज के तत्त्वों और जीवन-मूल्यों का समावेश है। समाज के दर्द और व्यक्ति की पीड़ा को व्यक्त करती ये कहानियाँ एक दर्पण की तरह हैं, जिसमें बदलते मूल्यों का अक्स है। कहीं पात्रों में एकाकीपन, उलझन, आशा-निराशा के बीच जूझती संवेदनाएँ हैं तो कहीं अपमान, असुरक्षा, दमन एवं शोषण से मुक्ति पाने की छटपटाहट है। कुल मिलाकर ये कहानियाँ रोचक, मनोरंजक एवं पठनीय हैं।
Language: Hindi
Page No: 136
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $12.76
-65%$12.76
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Hi-Tech Stories Book In Hindi-Karuna Pande
About the Products:
"तपस्या- कितना गहरा शब्द है यह समुद्र की तरह, और कितनी ऊँचाई लिये है यह पर्वत की तरह, निःस्तब्ध और शांत है यह आकाश की तरह, सबकुछ सहन करता पृथ्वी की तरह। तपस्या और तुम - एक शब्द, एक व्यक्तित्व हो। तुम्हारा हर शब्द एक आकार, एक व्यक्तित्व और एक चेतनामयी प्रतिमान बन जाता है। कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनके पास बैठकर एक अनिर्वचनीय अनुभूति और आनंद मिलता है, एक अलग रिश्तों का एहसास होता है। तुम एक ही हो दोस्त!" कहते-कहते लेखनी की आँखों में दर्प-सा आ गया। - इसी पुस्तक से समकालीनता की छाँव में पल्लवित इन कहानियों में आज के तत्त्वों और जीवन-मूल्यों का समावेश है। समाज के दर्द और व्यक्ति की पीड़ा को व्यक्त करती ये कहानियाँ एक दर्पण की तरह हैं, जिसमें बदलते मूल्यों का अक्स है। कहीं पात्रों में एकाकीपन, उलझन, आशा-निराशा के बीच जूझती संवेदनाएँ हैं तो कहीं अपमान, असुरक्षा, दमन एवं शोषण से मुक्ति पाने की छटपटाहट है। कुल मिलाकर ये कहानियाँ रोचक, मनोरंजक एवं पठनीय हैं।
Language: Hindi
Page No: 136
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