
Irom Sharmila Chanu Aur Amaran Anshan (Struggle For Peace In Manipur) WorldS Longest Hunger Strike Against Armed Forces (Special Powers) Act Hindi Edition-Shashidhar Khan
Irom Sharmila Chanu Aur Amaran Anshan (Struggle For Peace In Manipur) WorldS Longest Hunger Strike Against Armed Forces (Special Powers) Act Hindi Edition-Shashidhar Khan
About the Products:
साधारण विश्व रिकॉर्ड बनानेवाली मणिपुर की समाजधर्मी इरोम शर्मिला चानू की जीवन-कथा अविस्मरणीय है। अद्भुत जीवटवाली इस महिला ने 13 साल तक लगातार भूख-हड़ताल अनशन/ आंदोलन किया, जो सचमुच एक तपस्या है। इरोम शर्मिला का अनशन बिल्कुल छोटी सी आशा और छोटी सी दुनिया तक सीमित है। उसकी न तो कोई राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा, न ही सुर्खियों में बने रहने की लालसा, आंदोलन व प्रदर्शन जैसे विरोध-प्रदर्शन के चलताऊ उपायों से दूर एकदम अलग-थलग मणिपुर के अपने भाई-बंधुओं को गुलामीवाले कानून की ज्यादती से छुटकारा दिलाने के लिए इरोम शर्मिला ने अपनी जिंदगी दाँव पर लगा रखी है। जनमानस को झकझोरनेवाली यह घटना मामूली नहीं है, क्योंकि ऐसा कर पाना हर किसी के वश की बात नहीं है। उन्होंने इतना शारीरिक और मानसिक संत्रास झेला है, जिसकी कल्पना मात्र से ही शरीर सिहर उठता है। अन्याय और असत्य के खिलाफ आवाज बुलंद करनेवाली इरोम शर्मिला के क्रांतिकारी जीवन की झाँकी, जो प्रेरणा भी देती है और संघर्ष करने की शक्ति भी।
Language: Hindi
Page No: 176
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $16.77
-65%$16.77
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Irom Sharmila Chanu Aur Amaran Anshan (Struggle For Peace In Manipur) WorldS Longest Hunger Strike Against Armed Forces (Special Powers) Act Hindi Edition-Shashidhar Khan
About the Products:
साधारण विश्व रिकॉर्ड बनानेवाली मणिपुर की समाजधर्मी इरोम शर्मिला चानू की जीवन-कथा अविस्मरणीय है। अद्भुत जीवटवाली इस महिला ने 13 साल तक लगातार भूख-हड़ताल अनशन/ आंदोलन किया, जो सचमुच एक तपस्या है। इरोम शर्मिला का अनशन बिल्कुल छोटी सी आशा और छोटी सी दुनिया तक सीमित है। उसकी न तो कोई राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा, न ही सुर्खियों में बने रहने की लालसा, आंदोलन व प्रदर्शन जैसे विरोध-प्रदर्शन के चलताऊ उपायों से दूर एकदम अलग-थलग मणिपुर के अपने भाई-बंधुओं को गुलामीवाले कानून की ज्यादती से छुटकारा दिलाने के लिए इरोम शर्मिला ने अपनी जिंदगी दाँव पर लगा रखी है। जनमानस को झकझोरनेवाली यह घटना मामूली नहीं है, क्योंकि ऐसा कर पाना हर किसी के वश की बात नहीं है। उन्होंने इतना शारीरिक और मानसिक संत्रास झेला है, जिसकी कल्पना मात्र से ही शरीर सिहर उठता है। अन्याय और असत्य के खिलाफ आवाज बुलंद करनेवाली इरोम शर्मिला के क्रांतिकारी जीवन की झाँकी, जो प्रेरणा भी देती है और संघर्ष करने की शक्ति भी।
Language: Hindi
Page No: 176
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