
Kar Vijay Har Shikhar (Premlata Agrawal Indian Mountaineer) First Indian Woman To Scale The Seven Summits, The Seven Highest Continental Peaks Of The World Hindi Edition-Premlata Agrawal
Kar Vijay Har Shikhar (Premlata Agrawal Indian Mountaineer) First Indian Woman To Scale The Seven Summits, The Seven Highest Continental Peaks Of The World Hindi Edition-Premlata Agrawal
About the Products:
‘कर विजय हर शिखर’ पुस्तक हर आयु वर्ग के पाठक के लिए एक प्रेरक है। क्योंकि यह केवल आत्मकथा नहीं है, बल्कि एक आम घरेलू महिला के शिखर तक पहुँचने का एक बहुत ही अद्भुत व रोमांचकारी सफर है। पुस्तक में कई ऐसी छोटी-छोटी घटनाओं का भी जिक्र है, जो काफी महत्त्व रखती हैं। यह पुस्तक सिलिगुड़ी की एक आम लड़की प्रेमलता के पद्मश्री प्रेमलता अग्रवाल बनने की कहानी है। पुस्तक में प्रेमलता अग्रवाल के बचपन के कई ऐसे प्रसंगों को बहुत खूबसूरती से पिरोया गया है, जो कहीं-न-कहीं प्रेमलता के भीतर की इच्छा, जिज्ञासा, आत्मविश्वास, एकाग्रता, ईमानदारी, अपने कर्तव्य का दृढता से पालन करने की इच्छाशक्ति, सबको साथ लेकर चलने की भावना आदि कई ऐसे गुणों की ओर संकेत करती है, जिन्होंने प्रेमलता अग्रवाल को एक आम से खास महिला बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुस्तक यह भी बताती है कि यदि जीवन में सच्चा गुरु मिल जाए तो जीवन ही बदल जाता है। अकसर कई लोगों को हम यह कहते सुनते हैं कि आखिर पहाड़ों पर चढ़कर मिलता क्या है? पहले चढ़ो और फिर उतर आओ। यह पुस्तक लोगों के मन में पर्वतारोहण से जुड़े कई छोटे-बड़े सवालों का जवाब भी है।
Language: Hindi
Page No: 176
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $15.67
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Description
Kar Vijay Har Shikhar (Premlata Agrawal Indian Mountaineer) First Indian Woman To Scale The Seven Summits, The Seven Highest Continental Peaks Of The World Hindi Edition-Premlata Agrawal
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‘कर विजय हर शिखर’ पुस्तक हर आयु वर्ग के पाठक के लिए एक प्रेरक है। क्योंकि यह केवल आत्मकथा नहीं है, बल्कि एक आम घरेलू महिला के शिखर तक पहुँचने का एक बहुत ही अद्भुत व रोमांचकारी सफर है। पुस्तक में कई ऐसी छोटी-छोटी घटनाओं का भी जिक्र है, जो काफी महत्त्व रखती हैं। यह पुस्तक सिलिगुड़ी की एक आम लड़की प्रेमलता के पद्मश्री प्रेमलता अग्रवाल बनने की कहानी है। पुस्तक में प्रेमलता अग्रवाल के बचपन के कई ऐसे प्रसंगों को बहुत खूबसूरती से पिरोया गया है, जो कहीं-न-कहीं प्रेमलता के भीतर की इच्छा, जिज्ञासा, आत्मविश्वास, एकाग्रता, ईमानदारी, अपने कर्तव्य का दृढता से पालन करने की इच्छाशक्ति, सबको साथ लेकर चलने की भावना आदि कई ऐसे गुणों की ओर संकेत करती है, जिन्होंने प्रेमलता अग्रवाल को एक आम से खास महिला बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुस्तक यह भी बताती है कि यदि जीवन में सच्चा गुरु मिल जाए तो जीवन ही बदल जाता है। अकसर कई लोगों को हम यह कहते सुनते हैं कि आखिर पहाड़ों पर चढ़कर मिलता क्या है? पहले चढ़ो और फिर उतर आओ। यह पुस्तक लोगों के मन में पर्वतारोहण से जुड़े कई छोटे-बड़े सवालों का जवाब भी है।
Language: Hindi
Page No: 176
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