
Karma Hi Pooja Hai-Ram Sahay
Karma Hi Pooja Hai-Ram Sahay
About the Products:
प्रस्तुत पुस्तक ‘कर्म ही पूजा है’ में समाहित ज्ञान छोटे बच्चों से लेकर किसी भी आयु वर्ग के लिए उपादेय होगा। पुस्तक के पाठक, शिक्षक का भी कर्तव्य बनता है कि पुस्तक के छिपे ज्ञान के खजाने को बच्चों में पठन के प्रति रुचि उत्पन्न कर उन तक पहुँचाना एक श्रेयस्कर कदम होगा। इस पुस्तक में प्रकाशित महापुरुषों के जीवन से जुड़ी घटनाएँ बच्चों को आदर्श भावी नागरिक बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस पुस्तक के अनेक प्रसंग जन-जागृति की दिशा में एक अच्छी पहल है यथा—गुरु-शिष्य संबंध, दंड-संत टॉलस्टाय की सरलता-प्रेम सर्वोपरि, शिरडी के साँई बाबा, कर्तव्य-निष्ठा, अनाशिक्त, गांधीजी द्वारा पशु-वध का विरोध, क्रांतिकारियों के आदर्श कृष्ण और जल संरक्षण जाति का ढोल सुख एवं दुःख स्वावलंबन, एकता, सेवा-धर्म, महान् दधीचि का त्याग, गौतमी का आत्मबोध गतिशीलता की प्रधानता जैसी इस पुस्तक की विषयवस्तु ज्ञानामृत की आधारिशला है। सच्चा ज्ञान ही हमारे जीवन का आधार बिंदु है। निसंदेह सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए यह एक प्रेरणादायी पुस्तक है।
Language: Hindi
Page No: 232
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $19.89
-65%$19.89
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Karma Hi Pooja Hai-Ram Sahay
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प्रस्तुत पुस्तक ‘कर्म ही पूजा है’ में समाहित ज्ञान छोटे बच्चों से लेकर किसी भी आयु वर्ग के लिए उपादेय होगा। पुस्तक के पाठक, शिक्षक का भी कर्तव्य बनता है कि पुस्तक के छिपे ज्ञान के खजाने को बच्चों में पठन के प्रति रुचि उत्पन्न कर उन तक पहुँचाना एक श्रेयस्कर कदम होगा। इस पुस्तक में प्रकाशित महापुरुषों के जीवन से जुड़ी घटनाएँ बच्चों को आदर्श भावी नागरिक बनाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस पुस्तक के अनेक प्रसंग जन-जागृति की दिशा में एक अच्छी पहल है यथा—गुरु-शिष्य संबंध, दंड-संत टॉलस्टाय की सरलता-प्रेम सर्वोपरि, शिरडी के साँई बाबा, कर्तव्य-निष्ठा, अनाशिक्त, गांधीजी द्वारा पशु-वध का विरोध, क्रांतिकारियों के आदर्श कृष्ण और जल संरक्षण जाति का ढोल सुख एवं दुःख स्वावलंबन, एकता, सेवा-धर्म, महान् दधीचि का त्याग, गौतमी का आत्मबोध गतिशीलता की प्रधानता जैसी इस पुस्तक की विषयवस्तु ज्ञानामृत की आधारिशला है। सच्चा ज्ञान ही हमारे जीवन का आधार बिंदु है। निसंदेह सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए यह एक प्रेरणादायी पुस्तक है।
Language: Hindi
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