HomeStore

Kaun Jaat Ho Bhai - Bachcha Lal Unmesh

Product image 1

Kaun Jaat Ho Bhai - Bachcha Lal Unmesh

Kaun Jaat Ho Bhai - Bachcha Lal Unmesh

About The Product:

इन सभी कविताओं में आए समकालीन सामाजिक-राजनैतिक-आर्थिक- सांस्कृतिक विमर्श, बहस, संघर्ष और दलित-बहुजन चेतना को आसानी से देखा जा सकता है । बच्चा लाल ‘उन्मेष’ के संग्रह में शामिल तमाम कविताएँ समाज में फैली असमानता, उत्पीड़न, शोषण, दमन को वर्गीय और जातीय दोनों आधार पर चिह्नित करती हैं और उन पर कड़ा प्रहार करती हैं। एक तरफ़ ये कविताएँ मनुवाद पर आधारित ब्राह्मणवाद की पोल खोलती हैं तो दूसरी ओर दलितों, मज़दूरों, किसानों, स्त्रियों पर होने वाले ज़ुल्म और शोषण की मुख़ालिफ़त करते हुए उनके पक्ष में मज़बूती से खड़े होकर अपनी आवाज़ बुलंद करती हैं। भाषा की दृष्टि से कविताएँ बेहद सरल, पठनीय और दिल को छू जाने वाली हैं। कविता में व्यंग्यात्मक शैली कविता को और पठनीय और वैचारिक बना देती है । -अनिता भारती

Product Details:

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 136
  • Publisher Name: Yuvaan Books
  • Publishing Date: 2025
  • Legal Disclaimer : Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

    $11.65
    Kaun Jaat Ho Bhai - Bachcha Lal Unmesh
    $11.65

    Product Information

    Shipping & Returns

    Description

    Kaun Jaat Ho Bhai - Bachcha Lal Unmesh

    About The Product:

    इन सभी कविताओं में आए समकालीन सामाजिक-राजनैतिक-आर्थिक- सांस्कृतिक विमर्श, बहस, संघर्ष और दलित-बहुजन चेतना को आसानी से देखा जा सकता है । बच्चा लाल ‘उन्मेष’ के संग्रह में शामिल तमाम कविताएँ समाज में फैली असमानता, उत्पीड़न, शोषण, दमन को वर्गीय और जातीय दोनों आधार पर चिह्नित करती हैं और उन पर कड़ा प्रहार करती हैं। एक तरफ़ ये कविताएँ मनुवाद पर आधारित ब्राह्मणवाद की पोल खोलती हैं तो दूसरी ओर दलितों, मज़दूरों, किसानों, स्त्रियों पर होने वाले ज़ुल्म और शोषण की मुख़ालिफ़त करते हुए उनके पक्ष में मज़बूती से खड़े होकर अपनी आवाज़ बुलंद करती हैं। भाषा की दृष्टि से कविताएँ बेहद सरल, पठनीय और दिल को छू जाने वाली हैं। कविता में व्यंग्यात्मक शैली कविता को और पठनीय और वैचारिक बना देती है । -अनिता भारती

    Product Details:

  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 136
  • Publisher Name: Yuvaan Books
  • Publishing Date: 2025
  • Legal Disclaimer : Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

    Kaun Jaat Ho Bhai - Bachcha Lal Unmesh | Dista