
Mool Se Phool Tak-C.V. Ananda Bose
Mool Se Phool Tak-C.V. Ananda Bose
About the Products:
इस पुस्तक के लेखक डॉ. सी.वी. आनंद बोस, जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल हैं, एक प्रतिष्ठित सिविल सेवक रहे हैं। उन्होंने खुद को सौंपे गए समस्त कार्य भार उत्कृष्ट तरीके से निभाए हैं। उनका कॅरियर ग्राफ विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है-वे पहले विभिन्न कॉलेजों में शिक्षक रहे, फिर भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी और फिर भारतीय प्रशासनिक सेवा में उनका एक उत्कृष्ट कार्यकाल रहा। डॉ. बोस ने अपने विश्वविद्यालय के दिनों में 100 से ज्यादा पुरस्कार जीते, जिनमें 15 स्वर्ग पदक शामिल हैं। वे इन वर्षों में लगातार केरल विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ वक्ता रहे और फिर उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय शासन अकादमी, मसूरी में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। उन्होंने किफायती आवास, सुशासन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तीकरण, कला और संस्कृति संवर्धन और श्रम कल्याण जैसे क्षेत्रों में लगभग 55 अभिनव आंदोलनों और संस्थानों को शुरुआत की है। उनके द्वारा स्थापित अग्रणी संस्थानों, जैसे निर्मिति केंद्र (बिल्डिंग सेंटर), जिला पर्यटन संवर्धन परिषद और आवास संबंध को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तरों पर दोहराया गया है। उन्होंने यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन (सन), जिनेवा और इंटरनेशनल फ्यूजन एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन (आई.टी.आर.), फ्रांस में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वे एटॉमिक एनर्जी एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष थे, जहाँ उन्होंने एस्टर टेलीविजन स्टूडियो फॉर एंटरटेनमेंट की स्थापना की। वे यू.एन. में सलाहकार की हैसियत से हैबिटेट एलायंस के अध्यक्ष थे।
Language: Hindi
Page No: 304
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
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Mool Se Phool Tak-C.V. Ananda Bose
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इस पुस्तक के लेखक डॉ. सी.वी. आनंद बोस, जो वर्तमान में पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल हैं, एक प्रतिष्ठित सिविल सेवक रहे हैं। उन्होंने खुद को सौंपे गए समस्त कार्य भार उत्कृष्ट तरीके से निभाए हैं। उनका कॅरियर ग्राफ विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है-वे पहले विभिन्न कॉलेजों में शिक्षक रहे, फिर भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी और फिर भारतीय प्रशासनिक सेवा में उनका एक उत्कृष्ट कार्यकाल रहा। डॉ. बोस ने अपने विश्वविद्यालय के दिनों में 100 से ज्यादा पुरस्कार जीते, जिनमें 15 स्वर्ग पदक शामिल हैं। वे इन वर्षों में लगातार केरल विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ वक्ता रहे और फिर उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय शासन अकादमी, मसूरी में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। उन्होंने किफायती आवास, सुशासन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तीकरण, कला और संस्कृति संवर्धन और श्रम कल्याण जैसे क्षेत्रों में लगभग 55 अभिनव आंदोलनों और संस्थानों को शुरुआत की है। उनके द्वारा स्थापित अग्रणी संस्थानों, जैसे निर्मिति केंद्र (बिल्डिंग सेंटर), जिला पर्यटन संवर्धन परिषद और आवास संबंध को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तरों पर दोहराया गया है। उन्होंने यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन (सन), जिनेवा और इंटरनेशनल फ्यूजन एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन (आई.टी.आर.), फ्रांस में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वे एटॉमिक एनर्जी एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष थे, जहाँ उन्होंने एस्टर टेलीविजन स्टूडियो फॉर एंटरटेनमेंट की स्थापना की। वे यू.एन. में सलाहकार की हैसियत से हैबिटेट एलायंस के अध्यक्ष थे।
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