HomeStore

Panchvi Hizrat_Humera Rahat_Paperback - Rahat, Humera

Product image 1
Product image 2

Panchvi Hizrat_Humera Rahat_Paperback - Rahat, Humera

Panchvi Hizrat_Humera Rahat_Paperback - Rahat, Humera

About The Product:

मेरी कम-ओ-बेश चालीस नज्में और कई ग़ज़लें हिन्दी ज़बान का लिबास पहनकर आपके सामने हैं। इन नज्मांे में आपको मैं मिलूँगी। औरत मिलेगी। ये नज्में एक आईना हैं। इनमें आपको समाज का अक्स भी मिलेगा और इश्क़ का धमाल भी। कहीं पर मैंने अपनी तन्हाई को लिखा है और कहीं पर उस शोर को जो मेरे अंदर ही कहीं मौजूद है और मुझे तन्हा नहीं होने देता। ये शायद पाकिस्तानी और हिन्दुस्तानी औरत का मुश्तर्का अल्मीया है कि औरत का कोई घर नहीं होता, वो हमेशा चार रिश्तों की मुहताज रहती है बाप, भाई, शौहर और बेटा।                               - पुस्तक की भूमिका से हुमैरा राहत पाकिस्तान की जानी-पहचानी लेखिका हैं जिनकी अभी तक शायरी की तीन पुस्तकें छप चुकी हैं। इन्हीं में से उनकी चुनिंदा नज्में और ग़ज़लें इस पुस्तक में शामिल हैं। शायरी के अलावा वे उपन्यास और कहानियां भी लिखती हैं जिसके लिए उन्हें अनेक सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है। हुमैरा राहत कराची में रहती हैं और एक स्कूल में पढ़ाती हैं। अपने शौहर इरफान अहमद खान के साथ दक्षिण एशिया में सूफी खयालात, कला, साहित्य, संस्कृति पर एक पत्रिका प्रकाशित करती हैं।

Product Details:

  • Author: Rahat, Humera
  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 128
  • Publication Date: 2016

    Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

  • $3.92

    Original: $11.21

    -65%
    Panchvi Hizrat_Humera Rahat_Paperback - Rahat, Humera

    $11.21

    $3.92

    Product Information

    Shipping & Returns

    Description

    Panchvi Hizrat_Humera Rahat_Paperback - Rahat, Humera

    About The Product:

    मेरी कम-ओ-बेश चालीस नज्में और कई ग़ज़लें हिन्दी ज़बान का लिबास पहनकर आपके सामने हैं। इन नज्मांे में आपको मैं मिलूँगी। औरत मिलेगी। ये नज्में एक आईना हैं। इनमें आपको समाज का अक्स भी मिलेगा और इश्क़ का धमाल भी। कहीं पर मैंने अपनी तन्हाई को लिखा है और कहीं पर उस शोर को जो मेरे अंदर ही कहीं मौजूद है और मुझे तन्हा नहीं होने देता। ये शायद पाकिस्तानी और हिन्दुस्तानी औरत का मुश्तर्का अल्मीया है कि औरत का कोई घर नहीं होता, वो हमेशा चार रिश्तों की मुहताज रहती है बाप, भाई, शौहर और बेटा।                               - पुस्तक की भूमिका से हुमैरा राहत पाकिस्तान की जानी-पहचानी लेखिका हैं जिनकी अभी तक शायरी की तीन पुस्तकें छप चुकी हैं। इन्हीं में से उनकी चुनिंदा नज्में और ग़ज़लें इस पुस्तक में शामिल हैं। शायरी के अलावा वे उपन्यास और कहानियां भी लिखती हैं जिसके लिए उन्हें अनेक सम्मानों से नवाज़ा जा चुका है। हुमैरा राहत कराची में रहती हैं और एक स्कूल में पढ़ाती हैं। अपने शौहर इरफान अहमद खान के साथ दक्षिण एशिया में सूफी खयालात, कला, साहित्य, संस्कृति पर एक पत्रिका प्रकाशित करती हैं।

    Product Details:

  • Author: Rahat, Humera
  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 128
  • Publication Date: 2016

    Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

    Panchvi Hizrat_Humera Rahat_Paperback - Rahat, Humera | Dista