
Ravindra Kavyanjali (Ravindra Jain) A Readable Collection Of Poems And Songs Hindi Edition-Ravindra Jain
Ravindra Kavyanjali (Ravindra Jain) A Readable Collection Of Poems And Songs Hindi Edition-Ravindra Jain
About the Products:
कलाकार यद्यपि ईश्वर प्रदत्त प्रतिभा लेकर जन्म लेता है, तथापि उस प्रतिभा को सर्वव्यापी और जन-जन के मन तक पहुँचाना एक बड़ी चुनौती होती है। सुप्रसिद्ध गीतकार, संगीतकार व गायक रवीन्द्र जैनजी के सामने तो यह चुनौती दोहरी थी, तथापि उन्होंने हर चुनौती को स्वीकारते और मात देते हुए स्वयं को स्थापित-प्रमाणित किया। रवीन्द्र जैनजी रचनात्मकता के एक ऐसे गागरस्वरूप रहे हैं, जिनमें कलारूपी अथाह सागर के लगभग सभी रत्न समाहित थे। गीत हो, गजल हो, भजन हो, कविता हो या तात्कालिक रचना हो, कोई भी विषय हो, कैसी भी परिस्थितियाँ हों, वे उसे काव्यरूप देने, संगीत से सजाने और स्वर देने में सहज समर्थ रहे। रवीन्द्र जैनजी ने फिल्मों में गीत-संगीत का जो सम्मानजनक स्तर बनाए रखा, वह सराहनीय है। उनकी हर रचना में जीवन से जुड़ी बातें झलकती हैं, उनके शब्द, भाव, विचार मन में गहरे उतर जाते हैं; उनकी रचनाधर्मिता और सृजनशीलता सकारात्मकता से अनुप्राणित है, जो निराशा के गह्वर में डूबे व्यक्ति को भी उदात्तता के सागर में अवगाहन करवा देती है। ऐसी अनेकानेक रचनाएँ हैं, जो उनका मन तो जीत ही लेती हैं, जिनके लिए लिखी गई हैं; लेकिन ये उनके मन को भी प्रभावित किए बिना नहीं रहतीं, जो इन्हें पढ़ता है अथवा सुनता है। गीत-संगीत-कला जगत् के अपने समय के अप्रतिम हस्ताक्षर श्री रवीन्द्र जैन की सुंदर, मोहक, कर्णप्रिय गीत-कविताओं का पठनीय संकलन ।
Language: Hindi
Page No: 208
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
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Ravindra Kavyanjali (Ravindra Jain) A Readable Collection Of Poems And Songs Hindi Edition-Ravindra Jain
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कलाकार यद्यपि ईश्वर प्रदत्त प्रतिभा लेकर जन्म लेता है, तथापि उस प्रतिभा को सर्वव्यापी और जन-जन के मन तक पहुँचाना एक बड़ी चुनौती होती है। सुप्रसिद्ध गीतकार, संगीतकार व गायक रवीन्द्र जैनजी के सामने तो यह चुनौती दोहरी थी, तथापि उन्होंने हर चुनौती को स्वीकारते और मात देते हुए स्वयं को स्थापित-प्रमाणित किया। रवीन्द्र जैनजी रचनात्मकता के एक ऐसे गागरस्वरूप रहे हैं, जिनमें कलारूपी अथाह सागर के लगभग सभी रत्न समाहित थे। गीत हो, गजल हो, भजन हो, कविता हो या तात्कालिक रचना हो, कोई भी विषय हो, कैसी भी परिस्थितियाँ हों, वे उसे काव्यरूप देने, संगीत से सजाने और स्वर देने में सहज समर्थ रहे। रवीन्द्र जैनजी ने फिल्मों में गीत-संगीत का जो सम्मानजनक स्तर बनाए रखा, वह सराहनीय है। उनकी हर रचना में जीवन से जुड़ी बातें झलकती हैं, उनके शब्द, भाव, विचार मन में गहरे उतर जाते हैं; उनकी रचनाधर्मिता और सृजनशीलता सकारात्मकता से अनुप्राणित है, जो निराशा के गह्वर में डूबे व्यक्ति को भी उदात्तता के सागर में अवगाहन करवा देती है। ऐसी अनेकानेक रचनाएँ हैं, जो उनका मन तो जीत ही लेती हैं, जिनके लिए लिखी गई हैं; लेकिन ये उनके मन को भी प्रभावित किए बिना नहीं रहतीं, जो इन्हें पढ़ता है अथवा सुनता है। गीत-संगीत-कला जगत् के अपने समय के अप्रतिम हस्ताक्षर श्री रवीन्द्र जैन की सुंदर, मोहक, कर्णप्रिय गीत-कविताओं का पठनीय संकलन ।
Language: Hindi
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