
Samidha-Dr. Rakesh Mishra
Samidha-Dr. Rakesh Mishra
About the Products:
पं. दीनदयाल उपाध्याय कहते हैं, राष्ट्र एक शाश्वत और जीवमान इकाई है। इसका निर्माण हजारों वर्षों में होता है। भारत का एक विशिष्ट सनातन राष्ट्र दर्शन है और वह हिंदू राष्ट्र दर्शन ही है। मैं हिंदू हूँ, यह एक चिरंतन वस्तु है। यह वह धागा है, जिससे सब बँधते हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक रहने वाले सभी केवल इस धागे से ही बँधे हैं कि हम भारतमाता की संतान हैं। श्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद, उग्रवाद, कट्टरपंथ और घृणा के खिलाफ लड़ाई शुरू की है तो शांति और अहिंसा को प्रभावित करने वालों की दुनिया उनके साथ एकत्र होने लगी है। आज चारों ओर भारत ने अपनी साख व प्रभाव के आधार पर सिद्ध कर दिया है कि हम बुद्ध के उपासक हैं। करुणा, दया, प्रेम, ममता व वसुधैव कुटुम्बकम् हमारी संस्कृति है। इसके साथ ही हमको यदि कोई आँखें दिखाएगा तो हमारे परमाणु शस्त्र भी लेह से लेकर डोकलाम तक और कच्छ से लेकर कश्मीर तक तैयार हैं। प्रख्यात अधिवक्ता और कानून के प्रोफेसर होने के नाते प्रो. बाल आपटे विषय को बहुत तार्किक और व्यवस्थित ढंग से रखते थे। जिन लोगों ने उन्हें सुना, उन्होंने हमेशा उनके तार्किक और जोरदार तरीके की सराहना की। उन्होंने युवा, छात्र कार्यकर्ताओं को चर्चा के विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया और जब उन्हें प्रतिभावान पाया तो उनकी पीठ थपथपाई।
Language: Hindi
Page No: 202
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
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Samidha-Dr. Rakesh Mishra
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पं. दीनदयाल उपाध्याय कहते हैं, राष्ट्र एक शाश्वत और जीवमान इकाई है। इसका निर्माण हजारों वर्षों में होता है। भारत का एक विशिष्ट सनातन राष्ट्र दर्शन है और वह हिंदू राष्ट्र दर्शन ही है। मैं हिंदू हूँ, यह एक चिरंतन वस्तु है। यह वह धागा है, जिससे सब बँधते हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक रहने वाले सभी केवल इस धागे से ही बँधे हैं कि हम भारतमाता की संतान हैं। श्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद, उग्रवाद, कट्टरपंथ और घृणा के खिलाफ लड़ाई शुरू की है तो शांति और अहिंसा को प्रभावित करने वालों की दुनिया उनके साथ एकत्र होने लगी है। आज चारों ओर भारत ने अपनी साख व प्रभाव के आधार पर सिद्ध कर दिया है कि हम बुद्ध के उपासक हैं। करुणा, दया, प्रेम, ममता व वसुधैव कुटुम्बकम् हमारी संस्कृति है। इसके साथ ही हमको यदि कोई आँखें दिखाएगा तो हमारे परमाणु शस्त्र भी लेह से लेकर डोकलाम तक और कच्छ से लेकर कश्मीर तक तैयार हैं। प्रख्यात अधिवक्ता और कानून के प्रोफेसर होने के नाते प्रो. बाल आपटे विषय को बहुत तार्किक और व्यवस्थित ढंग से रखते थे। जिन लोगों ने उन्हें सुना, उन्होंने हमेशा उनके तार्किक और जोरदार तरीके की सराहना की। उन्होंने युवा, छात्र कार्यकर्ताओं को चर्चा के विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया और जब उन्हें प्रतिभावान पाया तो उनकी पीठ थपथपाई।
Language: Hindi
Page No: 202
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