
Sangh Shatak | Rashtriya Swayamsevak Sangh Book In Hindi-Pradeep Sharma
Sangh Shatak | Rashtriya Swayamsevak Sangh Book In Hindi-Pradeep Sharma
About the Products:
स्वयंसेवक की अवधारणा मूल रूप से समाज के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य की भावना है, जो शिक्षा से लेकर श्रम और राजनीति जैसे क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। सबकुछ राष्ट्रीय चिंतन के आधार पर पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए। आगामी वर्षों में पंच-परिवर्तन, यानी पाँच-स्तरीय कार्यक्रम का आह्वान संघ कार्य का केंद्र बना रहेगा। शाखाओं का विस्तार करते हुए संघ ने नागरिक कर्तव्यों, पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली, सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों और 'स्व' बोध पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे हर व्यक्ति मातृभूमि को परम वैभव के शिखर पर ले जाने में योगदान दे सके। पिछले सौ वर्षों में संघ ने राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के आंदोलन के रूप में उपेक्षा व उपहास से जिज्ञासा और स्वीकार्यता की यात्रा पूर्ण की है। संघ किसी का विरोध करने में विश्वास नहीं रखता। हमें विश्वास है कि संघ कार्य का विरोध करने वाला व्यक्ति भी एक दिन राष्ट्र-निर्माण के इस पुनीत कार्य में संघ के साथ सहभागी होगा।
Language: Hindi
Page No: 120
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
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Sangh Shatak | Rashtriya Swayamsevak Sangh Book In Hindi-Pradeep Sharma
About the Products:
स्वयंसेवक की अवधारणा मूल रूप से समाज के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य की भावना है, जो शिक्षा से लेकर श्रम और राजनीति जैसे क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। सबकुछ राष्ट्रीय चिंतन के आधार पर पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए। आगामी वर्षों में पंच-परिवर्तन, यानी पाँच-स्तरीय कार्यक्रम का आह्वान संघ कार्य का केंद्र बना रहेगा। शाखाओं का विस्तार करते हुए संघ ने नागरिक कर्तव्यों, पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली, सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों और 'स्व' बोध पर ध्यान केंद्रित किया है, जिससे हर व्यक्ति मातृभूमि को परम वैभव के शिखर पर ले जाने में योगदान दे सके। पिछले सौ वर्षों में संघ ने राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के आंदोलन के रूप में उपेक्षा व उपहास से जिज्ञासा और स्वीकार्यता की यात्रा पूर्ण की है। संघ किसी का विरोध करने में विश्वास नहीं रखता। हमें विश्वास है कि संघ कार्य का विरोध करने वाला व्यक्ति भी एक दिन राष्ट्र-निर्माण के इस पुनीत कार्य में संघ के साथ सहभागी होगा।
Language: Hindi
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