
Sapnon Ka Rajya Jharkhand-Basant Hetamsaria
Sapnon Ka Rajya Jharkhand-Basant Hetamsaria
About the Products:
नए राज्य के रूप में झारखंड का गठन 15 नवंबर, 2000 को हुआ और अपने अस्तित्व के 25 वर्ष पूरे कर अब वह एक युवा राज्य बन चुका है। राज्य के रूप में झारखंड का सफर अब एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव पर जा पहुँचा है। इस पड़ाव पर यह आकलन करना और जानना जरूरी है कि जिस झारखंड ने 2001 में सरप्लस बजट से अपना सफर शुरू किया, आज उसकी आर्थिक स्थिति किस हाल में है? इसने अपने लिए निर्धारित कौन से लक्ष्य हासिल किए, कहाँ पिछड़ गया और किन सपनों की इसने अनदेखी ही कर दी ? झारखंड राज्य के निर्माण में जिस तरह संघर्ष का एक लंबा दौर चला, उसी तरह राज्य गठन के बाद राजनीतिक स्थिरता हासिल करने में भी इसे 14 वर्ष का लंबा इंतजार करना पड़ा। इस शुरुआती दौर में राज्य ने कई बार सरकारों के बनने-बिगड़ने का खेल देखा और राष्ट्रपति शासन के भी कई दौर देखे। राजनीतिक स्थिरता आने के बाद 2014 से 2024 के बीच बनी सरकारों की अलग-अलग प्राथमिकताएँ रही हैं। जहाँ पहले बनी भाजपा सरकार ने औद्योगिक विकास और बुनियादी ढाँचे पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया, वहीं बाद में आई यूपीए सरकार ने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के साथ विकास को संतुलित किया। इस पुस्तक के माध्यम से झारखंड का 25 वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है। विश्वास है, यह पुस्तक झारखंड को जानने-समझने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
Language: Hindi
Page No: 248
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $21.67
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Sapnon Ka Rajya Jharkhand-Basant Hetamsaria
About the Products:
नए राज्य के रूप में झारखंड का गठन 15 नवंबर, 2000 को हुआ और अपने अस्तित्व के 25 वर्ष पूरे कर अब वह एक युवा राज्य बन चुका है। राज्य के रूप में झारखंड का सफर अब एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव पर जा पहुँचा है। इस पड़ाव पर यह आकलन करना और जानना जरूरी है कि जिस झारखंड ने 2001 में सरप्लस बजट से अपना सफर शुरू किया, आज उसकी आर्थिक स्थिति किस हाल में है? इसने अपने लिए निर्धारित कौन से लक्ष्य हासिल किए, कहाँ पिछड़ गया और किन सपनों की इसने अनदेखी ही कर दी ? झारखंड राज्य के निर्माण में जिस तरह संघर्ष का एक लंबा दौर चला, उसी तरह राज्य गठन के बाद राजनीतिक स्थिरता हासिल करने में भी इसे 14 वर्ष का लंबा इंतजार करना पड़ा। इस शुरुआती दौर में राज्य ने कई बार सरकारों के बनने-बिगड़ने का खेल देखा और राष्ट्रपति शासन के भी कई दौर देखे। राजनीतिक स्थिरता आने के बाद 2014 से 2024 के बीच बनी सरकारों की अलग-अलग प्राथमिकताएँ रही हैं। जहाँ पहले बनी भाजपा सरकार ने औद्योगिक विकास और बुनियादी ढाँचे पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया, वहीं बाद में आई यूपीए सरकार ने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों के साथ विकास को संतुलित किया। इस पुस्तक के माध्यम से झारखंड का 25 वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है। विश्वास है, यह पुस्तक झारखंड को जानने-समझने के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
Language: Hindi
Page No: 248
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