

Shayari Sadabahar: Tumhare Baare Mein Keh Raha Tha - Amit Goswami
Shayari Sadabahar: Tumhare Baare Mein Keh Raha Tha - Amit Goswami
About The Product:
अश्क आँखों से दिले-ज़ार से आहें निकलीं तब कहीं जाके ये अशआर ये ग़ज़लें निकलीं ‘‘इस किताब का हर शब्द मुहब्बतों में डूबी एक दास्तान है। जो कुछ है महबूब का, महबूब के लिए मगर एक साफ़ कहने वाले आशिक़ की ओर से। कहीं-कहीं दुनिया भी शामिल है, लेकिन बस नाम की। किताब के नाम से लेकर उसमें शामिल ग़ज़लों और नज़्मों तक, सब कुछ इश्क़ की आपबीती है। एक दिल की दुनिया है, जो सिर्फ़ उनके पढ़ने वालों पर खुलती है। ग़ज़ल की परिभाषा को सौ फ़ीसदी चरितार्थ करती हुई किताब...तुम्हारे बारे में कह रहा था । उनके यहाँ ताज़गी है, नयापन है, कथ्य और भाषा पर पूरी पकड़ है। वो जिस तरह की शाइरी करते हैं, उससे उनकी सोच की परिपक्वता और कलात्मक उत्कृष्टता का अहसास होता है।’’ - शकील जमाली अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सवों में शिरकत कर चुके अमित गोस्वामी का तुम्हारे बारे में कह रहा था दूसरा संग्रह है। इसके अलावा आकाशवाणी और दूरदर्शन के विभिन्न केन्द्रों द्वारा आयोजित मुशाइरों और कवि सम्मेलनों में निरंतर भागीदारी करते रहे हैं। अमित गोस्वामी ख्यात सरोदवादक हैं, जो अपने जुड़वाँ भाई सितारवादक असित गोस्वामी के साथ देशभर में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।
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Shayari Sadabahar: Tumhare Baare Mein Keh Raha Tha - Amit Goswami
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अश्क आँखों से दिले-ज़ार से आहें निकलीं तब कहीं जाके ये अशआर ये ग़ज़लें निकलीं ‘‘इस किताब का हर शब्द मुहब्बतों में डूबी एक दास्तान है। जो कुछ है महबूब का, महबूब के लिए मगर एक साफ़ कहने वाले आशिक़ की ओर से। कहीं-कहीं दुनिया भी शामिल है, लेकिन बस नाम की। किताब के नाम से लेकर उसमें शामिल ग़ज़लों और नज़्मों तक, सब कुछ इश्क़ की आपबीती है। एक दिल की दुनिया है, जो सिर्फ़ उनके पढ़ने वालों पर खुलती है। ग़ज़ल की परिभाषा को सौ फ़ीसदी चरितार्थ करती हुई किताब...तुम्हारे बारे में कह रहा था । उनके यहाँ ताज़गी है, नयापन है, कथ्य और भाषा पर पूरी पकड़ है। वो जिस तरह की शाइरी करते हैं, उससे उनकी सोच की परिपक्वता और कलात्मक उत्कृष्टता का अहसास होता है।’’ - शकील जमाली अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सवों में शिरकत कर चुके अमित गोस्वामी का तुम्हारे बारे में कह रहा था दूसरा संग्रह है। इसके अलावा आकाशवाणी और दूरदर्शन के विभिन्न केन्द्रों द्वारा आयोजित मुशाइरों और कवि सम्मेलनों में निरंतर भागीदारी करते रहे हैं। अमित गोस्वामी ख्यात सरोदवादक हैं, जो अपने जुड़वाँ भाई सितारवादक असित गोस्वामी के साथ देशभर में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।
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