
Shivyog Ki Raah Par-Dr. Karuna Saha
Shivyog Ki Raah Par-Dr. Karuna Saha
About the Products:
जीवन में संर्घष करते-करते और चुनौतियों का सामना करके आप चाहने लगते हैं कि आपको मार्गदर्शक की आवश्यकता है। जब यह इच्छा घनीभूत होती है, तब गुरु का अवतरण होता है। गुरु के सान्निध्य में ज्ञान, प्रेम और आत्मशक्ति प्राप्त कर सुखद अनुभूति होती है। शिवयोग गुरु डॉ. अवधूत शिवानंदजी के संपर्क में आकर और उनके द्वारा दी गई साधनाओं की दीक्षा लेकर लेखिका के जीवन में अत्यंत चमत्कारी घटनाएँ हुईं, जिनको इस पुस्तक में साझा किया गया है। शिवयोग की ज्ञानपरक और गहन साधनाओं में वर्तमान और भविष्य परिवर्तन करने की क्षमता है। यों तो आध्यात्मिक विषयों पर अनेक ग्रंथ उपलब्ध हैं, फिर भी पुस्तक में इससे संबंधित प्रश्नों का सरल उत्तर देने का प्रयास किया है। साथ-ही-साथ उनकी पुष्टि प्राचीन ग्रंथों, जैसे कि रामायण, गीता, महाभारत और श्रीमद्भागवत द्वारा भी की गई है। प्रश्नोत्तर प्रणाली की प्रेरणा प्राचीन ग्रंथों में अपनाई गई शैली से मिली। पुस्तक का मुख्य उद्देश्य टेक्नोलॉजी के अत्यधिक प्रभाव से भ्रमित हो रही वर्तमान पीढ़ी को एक बार फिर से अपनी मूल संस्कृति की ओर ले जाना है।
Language: Hindi
Page No: 112
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Product Information
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Shipping & Returns
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Description
Shivyog Ki Raah Par-Dr. Karuna Saha
About the Products:
जीवन में संर्घष करते-करते और चुनौतियों का सामना करके आप चाहने लगते हैं कि आपको मार्गदर्शक की आवश्यकता है। जब यह इच्छा घनीभूत होती है, तब गुरु का अवतरण होता है। गुरु के सान्निध्य में ज्ञान, प्रेम और आत्मशक्ति प्राप्त कर सुखद अनुभूति होती है। शिवयोग गुरु डॉ. अवधूत शिवानंदजी के संपर्क में आकर और उनके द्वारा दी गई साधनाओं की दीक्षा लेकर लेखिका के जीवन में अत्यंत चमत्कारी घटनाएँ हुईं, जिनको इस पुस्तक में साझा किया गया है। शिवयोग की ज्ञानपरक और गहन साधनाओं में वर्तमान और भविष्य परिवर्तन करने की क्षमता है। यों तो आध्यात्मिक विषयों पर अनेक ग्रंथ उपलब्ध हैं, फिर भी पुस्तक में इससे संबंधित प्रश्नों का सरल उत्तर देने का प्रयास किया है। साथ-ही-साथ उनकी पुष्टि प्राचीन ग्रंथों, जैसे कि रामायण, गीता, महाभारत और श्रीमद्भागवत द्वारा भी की गई है। प्रश्नोत्तर प्रणाली की प्रेरणा प्राचीन ग्रंथों में अपनाई गई शैली से मिली। पुस्तक का मुख्य उद्देश्य टेक्नोलॉजी के अत्यधिक प्रभाव से भ्रमित हो रही वर्तमान पीढ़ी को एक बार फिर से अपनी मूल संस्कृति की ओर ले जाना है।
Language: Hindi
Page No: 112
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