
Shreeti : Antas Ka Ujas श्रीति : अंतस का उजास | Memoirs Of A Kind Hearted And Loving Daughter — Book In Hindi By Shyamlal Yadav-Shyamlal Yadav
Shreeti : Antas Ka Ujas श्रीति : अंतस का उजास | Memoirs Of A Kind Hearted And Loving Daughter — Book In Hindi By Shyamlal Yadav-Shyamlal Yadav
About the Products:
श्रीति अंतस का उजास' उस प्रतिभाशाली और संवेदनशील बच्ची की कहानी है, जो सिर्फ 20 साल और दो महीने में इस दुनिया को छोड़ गई। लिवर को चंद दिनों में खत्म करने वाली एक दुर्लभबीमारी ने उसे हमसे छीन लिया। श्रीति के माँबाप और उसके भाई की स्मृतियों पर आधारित इस पुस्तक में उसके सहपाठियों, दोस्तों, अध्यापकों, मार्गदर्शकों और पड़ोसियों के मर्मस्पर्शी संस्मरण भी शामिल हैं। इससे उस बच्ची की बहुमुखी प्रतिभा की झलक मिलती है, जिससे वह अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की बेहतरी के सपने बुन रही थी। यह उस श्रीति की कहानी है, जो ऊर्जा से लबालब थी, जिसमें कूटकूटकर करुणा, रचनात्मकता, दृढ़ता और साहस भरा हुआ था। इन स्मृतियों और संस्मरणों के साथसाथ इसका शैक्षणिक महत्त्व भी है। इसमें फुलमिनेंट हेपेटिक फेल्योर, यानी एक्यूट लिवर फेल्योर नामक उस दुर्लभ, लेकिन जानलेवा बीमारी के कारण और बचाव का ब्योरा भी है, जिसने श्रीति को अपनी आगोश में ले लिया था। यह अध्याय अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के तत्कालीन विभागाध्यक्ष ने लिखा है, जिनकी देखरेख में श्रीति की जान बचाने की भरसक कोशिश हुई थी। यह पुस्तक संस्मरणों का संग्रह तो है ही, इसमें ज्ञान का प्रकाश भी है। यह श्रीति की प्यार और करुणा की विरासत को सँजोने का एक प्रयास है। यह दर्द को जीने का नया तरीका सिखाती है।
Language: Hindi
Page No: 176
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Product Information
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Description
Shreeti : Antas Ka Ujas श्रीति : अंतस का उजास | Memoirs Of A Kind Hearted And Loving Daughter — Book In Hindi By Shyamlal Yadav-Shyamlal Yadav
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श्रीति अंतस का उजास' उस प्रतिभाशाली और संवेदनशील बच्ची की कहानी है, जो सिर्फ 20 साल और दो महीने में इस दुनिया को छोड़ गई। लिवर को चंद दिनों में खत्म करने वाली एक दुर्लभबीमारी ने उसे हमसे छीन लिया। श्रीति के माँबाप और उसके भाई की स्मृतियों पर आधारित इस पुस्तक में उसके सहपाठियों, दोस्तों, अध्यापकों, मार्गदर्शकों और पड़ोसियों के मर्मस्पर्शी संस्मरण भी शामिल हैं। इससे उस बच्ची की बहुमुखी प्रतिभा की झलक मिलती है, जिससे वह अपने परिवार, समाज और राष्ट्र की बेहतरी के सपने बुन रही थी। यह उस श्रीति की कहानी है, जो ऊर्जा से लबालब थी, जिसमें कूटकूटकर करुणा, रचनात्मकता, दृढ़ता और साहस भरा हुआ था। इन स्मृतियों और संस्मरणों के साथसाथ इसका शैक्षणिक महत्त्व भी है। इसमें फुलमिनेंट हेपेटिक फेल्योर, यानी एक्यूट लिवर फेल्योर नामक उस दुर्लभ, लेकिन जानलेवा बीमारी के कारण और बचाव का ब्योरा भी है, जिसने श्रीति को अपनी आगोश में ले लिया था। यह अध्याय अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के तत्कालीन विभागाध्यक्ष ने लिखा है, जिनकी देखरेख में श्रीति की जान बचाने की भरसक कोशिश हुई थी। यह पुस्तक संस्मरणों का संग्रह तो है ही, इसमें ज्ञान का प्रकाश भी है। यह श्रीति की प्यार और करुणा की विरासत को सँजोने का एक प्रयास है। यह दर्द को जीने का नया तरीका सिखाती है।
Language: Hindi
Page No: 176
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