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Soch Kya Hai - J. Krishnamurti

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Soch Kya Hai - J. Krishnamurti

Soch Kya Hai - J. Krishnamurti

About The Product:

सोचने-विचारने से अपनी समस्याएं हल हो जाएंगी ऐसा मनुष्य का विश्वास रहा है, परंतु वास्तविकता यह है कि विचार पहले तो स्वयं समस्याएं पैदा करता है, और फिर अपनी ही पैदा की गई समस्याओं को हल करने में उलझ जाता है। एक बात और, विचार करना एक भौतिक प्रक्रिया है। कृष्णमूर्ति स्पष्ट करते हैं कि स्वतंत्रता का, मुक्ति का तात्पर्य है व्यक्ति के मस्तिष्क पर आरोपित इस 'नियोजन' से, इस 'प्रोग्राम' से मुक्त होना। इसके मायने हैं अपनी सोच का, विचार करने की प्रक्रिया का विशुद्ध अवलोकन- इसके मायने हैं निर्विचार अवलोकन-सोच की दंखलंदाज़ी के बिना देखना। 'अवलोकन अपने आप में ही एक कर्म है', यही वह प्रज्ञा है जो समस्त भ्रांति तथा भय से मुक्त कर देती है।

Product Details:

  • Author: J. Krishnamurti
  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 130
  • Publication Date: 2026

    Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

  • $4.56

    Original: $13.04

    -65%
    Soch Kya Hai - J. Krishnamurti

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    Description

    Soch Kya Hai - J. Krishnamurti

    About The Product:

    सोचने-विचारने से अपनी समस्याएं हल हो जाएंगी ऐसा मनुष्य का विश्वास रहा है, परंतु वास्तविकता यह है कि विचार पहले तो स्वयं समस्याएं पैदा करता है, और फिर अपनी ही पैदा की गई समस्याओं को हल करने में उलझ जाता है। एक बात और, विचार करना एक भौतिक प्रक्रिया है। कृष्णमूर्ति स्पष्ट करते हैं कि स्वतंत्रता का, मुक्ति का तात्पर्य है व्यक्ति के मस्तिष्क पर आरोपित इस 'नियोजन' से, इस 'प्रोग्राम' से मुक्त होना। इसके मायने हैं अपनी सोच का, विचार करने की प्रक्रिया का विशुद्ध अवलोकन- इसके मायने हैं निर्विचार अवलोकन-सोच की दंखलंदाज़ी के बिना देखना। 'अवलोकन अपने आप में ही एक कर्म है', यही वह प्रज्ञा है जो समस्त भ्रांति तथा भय से मुक्त कर देती है।

    Product Details:

  • Author: J. Krishnamurti
  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 130
  • Publication Date: 2026

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