
Sukhe Sawan - Tasneef Haider
Sukhe Sawan - Tasneef Haider
About The Product:
इस किताब में चुनी गई कहानियाँ औरतों, जवानी की दहलीज़ पर क़दम रखते लड़के-लड़कियों, दाम्पत्य में बँधे हुए दिखावे के रिश्तों और छोटी-छोटी लड़कियों का दौलत के सहारे शोषण करते हुए शैतानों का सच हमारे सामने लाती हैं। इन्हें पढ़कर इनका मज़ा लेने के बजाय आप इन पर बात करने पर मजबूर हो जाएँगे, क्यूँकि इन कहानियों का मक़सद हमारे ज़ेहनों पर लगे बरसों के जालों को साफ़ करना है। तसनीफ़ हैदर उर्दू के शायर और अदीब हैं। जन्म वसई गाँव महाराष्ट्र में हुआ। 2005 में सह-परिवार वो दिल्ली में आकर बस गए। उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से उर्दू में एम.ए. किया और तीन वर्षों तक रेख़्ता फ़ॉउंडेशन से भी जुड़े रहे। वो उर्दू के साथ-साथ हिन्दी में भी साहित्यिक लेख और कहानियाँ लिखते रहते हैं।
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Legal Disclaimer : Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.
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Sukhe Sawan - Tasneef Haider
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इस किताब में चुनी गई कहानियाँ औरतों, जवानी की दहलीज़ पर क़दम रखते लड़के-लड़कियों, दाम्पत्य में बँधे हुए दिखावे के रिश्तों और छोटी-छोटी लड़कियों का दौलत के सहारे शोषण करते हुए शैतानों का सच हमारे सामने लाती हैं। इन्हें पढ़कर इनका मज़ा लेने के बजाय आप इन पर बात करने पर मजबूर हो जाएँगे, क्यूँकि इन कहानियों का मक़सद हमारे ज़ेहनों पर लगे बरसों के जालों को साफ़ करना है। तसनीफ़ हैदर उर्दू के शायर और अदीब हैं। जन्म वसई गाँव महाराष्ट्र में हुआ। 2005 में सह-परिवार वो दिल्ली में आकर बस गए। उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से उर्दू में एम.ए. किया और तीन वर्षों तक रेख़्ता फ़ॉउंडेशन से भी जुड़े रहे। वो उर्दू के साथ-साथ हिन्दी में भी साहित्यिक लेख और कहानियाँ लिखते रहते हैं।
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