
Sukhi Parivar Samriddha Rashtra (Ideas For The Future: Visions For A Developed India) Hindi Edition By Acharya Mahapragya & Dr. Apj Abdul Kalam-Acharya Mahapragya & Dr Apj Abdul Kalam
Sukhi Parivar Samriddha Rashtra (Ideas For The Future: Visions For A Developed India) Hindi Edition By Acharya Mahapragya & Dr. Apj Abdul Kalam-Acharya Mahapragya & Dr Apj Abdul Kalam
About the Products:
सुखी परिवार, समृद्ध राष्ट्र—आचार्य महाप्रज्ञ / ए.पी.जे. अब्दुल कलाम परिवार व राष्ट्र के विकास के माध्यम से ही एक शांतिपूर्ण, सुखी व समृद्ध समाज का विकास हो सकता है। सुविख्यात जैन मुनि आचार्य महाप्रज्ञ तथा पूर्व राष्ट्रपति भारत-रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का समाज के प्रति समर्पण और उसकी उन्नति के प्रति चिंता सर्वविदित है; परंतु विसंगतियों के बावजूद उसके सशक्त होने की क्षमता पर भी उन्हें पूरा भरोसा है। इस विचार-प्रधान पुस्तक ‘सुखी परिवार, समृद्ध राष्ट्र’ में इन दो विशिष्ट व्यक्तियों के परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति सरोकारों को रेखांकित किया गया है। लेखकद्वय का विचार है कि एक उत्तम राष्ट्र का निर्माण करने के लिए इसके बीज परिवार में ही बोए जाने चाहिए। कोई ऐसा व्यक्ति ही, जिसका पालन-पोषण उचित मूल्यों की शिक्षा देनेवाले परिवार में हुआ हो, राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझ सकता है। ऐसा नागरिक ‘निष्ठा से काम करो और निष्ठा से सफलता पाओ’ के सिद्धांत को अपनाएगा। केवल आर्थिक विकास और सैन्य-शक्ति से राष्ट्र उन्नत नहीं होगा, बल्कि इसके लिए मूल्यपरक समाज-जीवन का वातावरण बनाना होगा। यह दर्शन ही इस पुस्तक का मूल सिद्धांत है।
Language: Hindi
Page No: 208
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $23.13
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Sukhi Parivar Samriddha Rashtra (Ideas For The Future: Visions For A Developed India) Hindi Edition By Acharya Mahapragya & Dr. Apj Abdul Kalam-Acharya Mahapragya & Dr Apj Abdul Kalam
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सुखी परिवार, समृद्ध राष्ट्र—आचार्य महाप्रज्ञ / ए.पी.जे. अब्दुल कलाम परिवार व राष्ट्र के विकास के माध्यम से ही एक शांतिपूर्ण, सुखी व समृद्ध समाज का विकास हो सकता है। सुविख्यात जैन मुनि आचार्य महाप्रज्ञ तथा पूर्व राष्ट्रपति भारत-रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का समाज के प्रति समर्पण और उसकी उन्नति के प्रति चिंता सर्वविदित है; परंतु विसंगतियों के बावजूद उसके सशक्त होने की क्षमता पर भी उन्हें पूरा भरोसा है। इस विचार-प्रधान पुस्तक ‘सुखी परिवार, समृद्ध राष्ट्र’ में इन दो विशिष्ट व्यक्तियों के परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति सरोकारों को रेखांकित किया गया है। लेखकद्वय का विचार है कि एक उत्तम राष्ट्र का निर्माण करने के लिए इसके बीज परिवार में ही बोए जाने चाहिए। कोई ऐसा व्यक्ति ही, जिसका पालन-पोषण उचित मूल्यों की शिक्षा देनेवाले परिवार में हुआ हो, राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्व को समझ सकता है। ऐसा नागरिक ‘निष्ठा से काम करो और निष्ठा से सफलता पाओ’ के सिद्धांत को अपनाएगा। केवल आर्थिक विकास और सैन्य-शक्ति से राष्ट्र उन्नत नहीं होगा, बल्कि इसके लिए मूल्यपरक समाज-जीवन का वातावरण बनाना होगा। यह दर्शन ही इस पुस्तक का मूल सिद्धांत है।
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