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Sunderkand Mool (Hindi)

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Sunderkand Mool (Hindi)

Sunderkand Mool (Hindi)

About the Book

  • Author: Goswami Tulsidas
  • Language: Hindi
  • Size: Pustakakar (13.5cm*20.32cm)
  • Pages: 64
  • Code: 1583

श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के द्वारा प्रणीत श्रीरामचरितमानस हिन्दी साहित्य की सर्वोत्कृष्ट रचना है। आदर्श राजधर्म, आदर्श गृहस्थ-जीवन, आदर्श पारिवारिक जीवन आदि मानव-धर्म के सर्वोत्कृष्ट आदर्शों का यह अनुपम आगार है। सर्वोच्य भक्ति, ज्ञान, त्याग, वैराग्य तथा भगवान की आदर्श मानव-लीला तथा गुण, प्रभाव को व्यक्त करनेवाला ऐसा ग्रंथरत्न संसार की किसी भाषा में मिलना असम्भव है। आशिर्वादात्माक ग्रन्थ होने के कारण सभी लोग मंत्रवत् आदर करते हैं। इसका श्रद्धापूर्वक पाठ करने से एवं इसके उपदेशों के अनुरूप आचरण करने से मानवमात्र के कल्याण के साथ भगवत्प्रेम की सहज ही प्राप्ति सम्भव है।

प्रस्तुत पुस्तक में श्रीरामचरितमानस के सुंदरकाण्ड अध्याय के मूल पाठ का हनुमान चालीसा सहित प्रकाशन किया गया है।


Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.

$3.69

Original: $10.54

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Description

Sunderkand Mool (Hindi)

About the Book

  • Author: Goswami Tulsidas
  • Language: Hindi
  • Size: Pustakakar (13.5cm*20.32cm)
  • Pages: 64
  • Code: 1583

श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज के द्वारा प्रणीत श्रीरामचरितमानस हिन्दी साहित्य की सर्वोत्कृष्ट रचना है। आदर्श राजधर्म, आदर्श गृहस्थ-जीवन, आदर्श पारिवारिक जीवन आदि मानव-धर्म के सर्वोत्कृष्ट आदर्शों का यह अनुपम आगार है। सर्वोच्य भक्ति, ज्ञान, त्याग, वैराग्य तथा भगवान की आदर्श मानव-लीला तथा गुण, प्रभाव को व्यक्त करनेवाला ऐसा ग्रंथरत्न संसार की किसी भाषा में मिलना असम्भव है। आशिर्वादात्माक ग्रन्थ होने के कारण सभी लोग मंत्रवत् आदर करते हैं। इसका श्रद्धापूर्वक पाठ करने से एवं इसके उपदेशों के अनुरूप आचरण करने से मानवमात्र के कल्याण के साथ भगवत्प्रेम की सहज ही प्राप्ति सम्भव है।

प्रस्तुत पुस्तक में श्रीरामचरितमानस के सुंदरकाण्ड अध्याय के मूल पाठ का हनुमान चालीसा सहित प्रकाशन किया गया है।


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