

Tai Aur Anya Kahaniyaan - Kaushik, Vishwambarnath Sharma
Tai Aur Anya Kahaniyaan - Kaushik, Vishwambarnath Sharma
About The Product:
ताई' हिन्दी कहानियों में एक मील का पत्थर मानी जाती है। इसके कहानीकार विश्वम्भरनाथ शर्मा कौशिक की गणना प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, गुलेरी के साथ आधुनिक हिन्दी कहानी के निर्माताओं में की जाती है। काल-क्रम की दृष्टि से ये सभी लेखक एक आध साल के अंतर से आए और प्रत्येक ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई । जहाँ प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद का नाम हिन्दी साहित्य में आज भी बहुत लोकप्रिय है और उनका साहित्य आसानी से उपलब्ध है, वहीं कौशिक जी की रचनाएँ पाठक की नज़रों से कुछ ओझल-सी हो गई हैं। उनकी कहानियों का यह संकलन इन अभाव को पूरा करता है। विश्वम्भरनाथ शर्मा कौशिक की अधिकांश कहानियाँ उत्तर भारत के सामाजिक जीवन का चित्रण करती है। यादगार चरित्रों को पैदा करना कौशिक जी की विशेषता थी और वे अपने पात्रों को अपनी कहानियों के माध्यम से इस तरह जीवंत करते थे कि पाठक को वर्षों तक याद रहे।
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Tai Aur Anya Kahaniyaan - Kaushik, Vishwambarnath Sharma
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ताई' हिन्दी कहानियों में एक मील का पत्थर मानी जाती है। इसके कहानीकार विश्वम्भरनाथ शर्मा कौशिक की गणना प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, गुलेरी के साथ आधुनिक हिन्दी कहानी के निर्माताओं में की जाती है। काल-क्रम की दृष्टि से ये सभी लेखक एक आध साल के अंतर से आए और प्रत्येक ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई । जहाँ प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद का नाम हिन्दी साहित्य में आज भी बहुत लोकप्रिय है और उनका साहित्य आसानी से उपलब्ध है, वहीं कौशिक जी की रचनाएँ पाठक की नज़रों से कुछ ओझल-सी हो गई हैं। उनकी कहानियों का यह संकलन इन अभाव को पूरा करता है। विश्वम्भरनाथ शर्मा कौशिक की अधिकांश कहानियाँ उत्तर भारत के सामाजिक जीवन का चित्रण करती है। यादगार चरित्रों को पैदा करना कौशिक जी की विशेषता थी और वे अपने पात्रों को अपनी कहानियों के माध्यम से इस तरह जीवंत करते थे कि पाठक को वर्षों तक याद रहे।
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