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Taliban | War And Islam In Pakistan Book In Hindi-Arun Anand

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Taliban | War And Islam In Pakistan Book In Hindi-Arun Anand

Taliban | War And Islam In Pakistan Book In Hindi-Arun Anand

About the Products:

तालिबान, जिसे किसी समय पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मदरसों से निकले लड़ाकों का अस्तव्यस्त समूह माना जाता था, उसने अगस्त 2021 में तूफानी हमले के बाद अफगानिस्तान की सत्ता पर फिर से कब्जा जमाकर दुनिया को हैरान कर दिया। वर्ष 2001 में कुचले जाने के बाद भी इसने दुनिया की सबसे कुशल सेना को हराया। यह पुस्तक बताती है कि तालिबान की उत्पत्ति कैसे हुई और यह कैसे आगे बढ़ा तथा इसकी वापसी इतने शक्तिशाली संगठन के रूप में कैसे हुई कि अरबों डॉलर खर्च करने और लगभग दो दशक लंबा सैन्य अभियान चलाने के बावजूद, सबसे शक्तिशाली सेनाओं वाले दुनिया के देशों को तालिबान के साथ सौदा करना पड़ा और शर्मनाक वापसी करनी पड़ी। यह पुस्तक पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. की ओर से निभाई गई भूमिका के बारे में भी बताती है। साथ ही इस पर भी प्रकाश डालती है कि कैसे दीवार पर लिखी इबारत को न पढ़कर पश्चिमी ताकतें अपने ही जाल में फँस गईं !

Language: Hindi

Page No: 272

Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.

$22.77
Taliban | War And Islam In Pakistan Book In Hindi-Arun Anand
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Taliban | War And Islam In Pakistan Book In Hindi-Arun Anand

About the Products:

तालिबान, जिसे किसी समय पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मदरसों से निकले लड़ाकों का अस्तव्यस्त समूह माना जाता था, उसने अगस्त 2021 में तूफानी हमले के बाद अफगानिस्तान की सत्ता पर फिर से कब्जा जमाकर दुनिया को हैरान कर दिया। वर्ष 2001 में कुचले जाने के बाद भी इसने दुनिया की सबसे कुशल सेना को हराया। यह पुस्तक बताती है कि तालिबान की उत्पत्ति कैसे हुई और यह कैसे आगे बढ़ा तथा इसकी वापसी इतने शक्तिशाली संगठन के रूप में कैसे हुई कि अरबों डॉलर खर्च करने और लगभग दो दशक लंबा सैन्य अभियान चलाने के बावजूद, सबसे शक्तिशाली सेनाओं वाले दुनिया के देशों को तालिबान के साथ सौदा करना पड़ा और शर्मनाक वापसी करनी पड़ी। यह पुस्तक पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. की ओर से निभाई गई भूमिका के बारे में भी बताती है। साथ ही इस पर भी प्रकाश डालती है कि कैसे दीवार पर लिखी इबारत को न पढ़कर पश्चिमी ताकतें अपने ही जाल में फँस गईं !

Language: Hindi

Page No: 272

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