
Ud Chal Apne Desh 'उड़ चल अपने देस' | Book in Hindi by Abhishek Chauhan (IRS)
Ud Chal Apne Desh 'उड़ चल अपने देस' | Book in Hindi by Abhishek Chauhan (IRS)
About the Products:
इस उपन्यास की विषयवस्तु एक ऐसे संक्रमण काल की साक्षी है- जब गाँव और शहर की सीमाएँ एक-दूसरे का अतिक्रमण कर चुकी हैं। मुख्यतः ब्रज-बुंदेलखंड क्षेत्र, जो चंबल-यमुना व इनकी सहायक नदियों का बेसिन है, को इस उपन्यास की पृष्ठभूमि में रखा गया है। इस उपन्यास के माध्यम से भविष्य में होने वाली पर्यावरण की बदहाली व इससे आने वाले अस्तित्व के संकट को पलायन नामक सामाजिक समस्या से जोड़ा गया है। इसके समाधान के तौर पर घाटी की समृद्धि हेतु कथा के पात्रों को सच्चे प्रहरी के तौर पर उकेरा गया है। अपनी जन्मभूमि की खुशहाली को इस कथा में जीवन के सर्वोपरि लक्ष्य के रूप में दिखाया गया है। उपन्यास पाठकों को उस दिन के बारे में याद दिलाना चाहता है जब पाठकों ने पहली बार घर छोड़ा था।
Language: Hindi
Page No: 208
Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.
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Ud Chal Apne Desh 'उड़ चल अपने देस' | Book in Hindi by Abhishek Chauhan (IRS)
About the Products:
इस उपन्यास की विषयवस्तु एक ऐसे संक्रमण काल की साक्षी है- जब गाँव और शहर की सीमाएँ एक-दूसरे का अतिक्रमण कर चुकी हैं। मुख्यतः ब्रज-बुंदेलखंड क्षेत्र, जो चंबल-यमुना व इनकी सहायक नदियों का बेसिन है, को इस उपन्यास की पृष्ठभूमि में रखा गया है। इस उपन्यास के माध्यम से भविष्य में होने वाली पर्यावरण की बदहाली व इससे आने वाले अस्तित्व के संकट को पलायन नामक सामाजिक समस्या से जोड़ा गया है। इसके समाधान के तौर पर घाटी की समृद्धि हेतु कथा के पात्रों को सच्चे प्रहरी के तौर पर उकेरा गया है। अपनी जन्मभूमि की खुशहाली को इस कथा में जीवन के सर्वोपरि लक्ष्य के रूप में दिखाया गया है। उपन्यास पाठकों को उस दिन के बारे में याद दिलाना चाहता है जब पाठकों ने पहली बार घर छोड़ा था।
Language: Hindi
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