
Vishwa Hindu Parishad Ke Shilpi : Dada Saheb Apte-Dr. Kuldeep Chand Agnihotri
Vishwa Hindu Parishad Ke Shilpi : Dada Saheb Apte-Dr. Kuldeep Chand Agnihotri
About the Products:
दादा साहेब आपटे के जीवन के बारे में किसी भी भाषा में लिखी गई यह पहली पुस्तक है। दादा साहेब आपटे अपने समय के उद्भट विद्वान् थे। उनकी पंद्रह से ज्यादा पुस्तकें अंग्रेजी व मराठी में प्रकाशित हुई थीं। लोकमान्य तिलक के मराठी दैनिक में वे नियमित लिखते थे। तमिलनाडु में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। भारतीय भाषाओं की पहली संवाद समिति ‘हिंदुस्थान समाचार’ की स्थापना उन्होंने की थी। ‘विश्व हिंदू परिषद्’ के वे संस्थापक अध्यक्ष थे। वेद की स्थापना करने के लिए वे विश्व के अनेक देशों में गए। लेकिन अब तक उनकी कोई समग्र जीवनगाथा उपलब्ध नहीं थी। यह पुस्तक इसी कमी को पूरा करने का विनम्र प्रयास है। ‘हिंदुस्थान समाचार’ एवं विश्व हिंदू परिषद् की स्थापना की पृष्ठभूमि और निर्धारित दिशा का गंभीर आकलन पहली बार इस पुस्तक में हुआ है।
Language: Hindi
Page No: 184
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $13.57
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Vishwa Hindu Parishad Ke Shilpi : Dada Saheb Apte-Dr. Kuldeep Chand Agnihotri
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दादा साहेब आपटे के जीवन के बारे में किसी भी भाषा में लिखी गई यह पहली पुस्तक है। दादा साहेब आपटे अपने समय के उद्भट विद्वान् थे। उनकी पंद्रह से ज्यादा पुस्तकें अंग्रेजी व मराठी में प्रकाशित हुई थीं। लोकमान्य तिलक के मराठी दैनिक में वे नियमित लिखते थे। तमिलनाडु में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। भारतीय भाषाओं की पहली संवाद समिति ‘हिंदुस्थान समाचार’ की स्थापना उन्होंने की थी। ‘विश्व हिंदू परिषद्’ के वे संस्थापक अध्यक्ष थे। वेद की स्थापना करने के लिए वे विश्व के अनेक देशों में गए। लेकिन अब तक उनकी कोई समग्र जीवनगाथा उपलब्ध नहीं थी। यह पुस्तक इसी कमी को पूरा करने का विनम्र प्रयास है। ‘हिंदुस्थान समाचार’ एवं विश्व हिंदू परिषद् की स्थापना की पृष्ठभूमि और निर्धारित दिशा का गंभीर आकलन पहली बार इस पुस्तक में हुआ है।
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