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Volga Se Ganga - Rahul Sankrityayan

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Volga Se Ganga - Rahul Sankrityayan

Volga Se Ganga - Rahul Sankrityayan

About The Product:

राहुल सांकृत्यायन (9 अप्रैल 1893 - 14 अप्रैल 1963) बीसवीं सदी के हिन्दी साहित्य के महत्त्वपूर्ण लेखक हैं। उन्होंने अपने जीवन काल में विविध विषयों पर सौ से अधिक पुस्तकें लिखीं, जिसमें भारतीय संस्कृति, बौद्ध धर्म, भाषा-शास्त्र, यात्रा-वृत्तांत, उपन्यास, कहानियाँ, निबन्ध सम्मिलित हैं। लेकिन उनकी अधिक प्रसिद्धि उनकी यात्राओं की पुस्तक के कारण है और उन्हें हिन्दी में यात्रा-साहित्य का जनक भी माना जाता है। सत्तर वर्षों के अपने जीवन में से पैंतालीस वर्ष तक वे यात्रा पर रहे, जिसमें वे चीन, तिब्बत, मध्य एशिया की दूर-दराज की जगहों पर गये। अपनी यात्राओं के आधार पर उन्होंने अनेक यात्रा-वृत्तांत लिखे। उनकी लिखी पुस्तकों में से वोल्गा से गंगा सबसे अधिक लोकप्रिय है। यह पुस्तक बहुत रोचक कथा-शैली में छह हज़ार ईसा पूर्व वोल्गा नदी के तट से 1942 के गंगा तट तक जिन लोगों का प्रवास हुआ उन्हीं पर केंद्रित है। 1958 में उनकी रचना ‘मध्य एशिया का इतिहास’ के लिए उन्हें साहित्य अकादेमी पुरस्कार और 1963 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

Product Details:

  • Author: Rahul Sankrityayan
  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 320
  • Publication Date: 2025

    Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

  • $18.49
    Volga Se Ganga - Rahul Sankrityayan
    $18.49

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    Description

    Volga Se Ganga - Rahul Sankrityayan

    About The Product:

    राहुल सांकृत्यायन (9 अप्रैल 1893 - 14 अप्रैल 1963) बीसवीं सदी के हिन्दी साहित्य के महत्त्वपूर्ण लेखक हैं। उन्होंने अपने जीवन काल में विविध विषयों पर सौ से अधिक पुस्तकें लिखीं, जिसमें भारतीय संस्कृति, बौद्ध धर्म, भाषा-शास्त्र, यात्रा-वृत्तांत, उपन्यास, कहानियाँ, निबन्ध सम्मिलित हैं। लेकिन उनकी अधिक प्रसिद्धि उनकी यात्राओं की पुस्तक के कारण है और उन्हें हिन्दी में यात्रा-साहित्य का जनक भी माना जाता है। सत्तर वर्षों के अपने जीवन में से पैंतालीस वर्ष तक वे यात्रा पर रहे, जिसमें वे चीन, तिब्बत, मध्य एशिया की दूर-दराज की जगहों पर गये। अपनी यात्राओं के आधार पर उन्होंने अनेक यात्रा-वृत्तांत लिखे। उनकी लिखी पुस्तकों में से वोल्गा से गंगा सबसे अधिक लोकप्रिय है। यह पुस्तक बहुत रोचक कथा-शैली में छह हज़ार ईसा पूर्व वोल्गा नदी के तट से 1942 के गंगा तट तक जिन लोगों का प्रवास हुआ उन्हीं पर केंद्रित है। 1958 में उनकी रचना ‘मध्य एशिया का इतिहास’ के लिए उन्हें साहित्य अकादेमी पुरस्कार और 1963 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।

    Product Details:

  • Author: Rahul Sankrityayan
  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 320
  • Publication Date: 2025

    Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

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