
Vyaktitva Nirman (Tips To Building A Strong Personality) Personal Transformation Personality Development Success Book In Hindi-Madanlal Shukla
Vyaktitva Nirman (Tips To Building A Strong Personality) Personal Transformation Personality Development Success Book In Hindi-Madanlal Shukla
About the Products:
व्यक्ति के जविन के मुख्यत: छह पड़ाव होते हैं-शिशु बालक, किशोर, युवा, प्रौढ एवं वृद्ध । इन्हीं अवस्थाओं में व्यक्तित्व का निर्माण और विकास होता है । व्यक्तित्व- निर्माण में अनेक अवरोध आते हैं । हर अवस्था की अपनी एक क्षमता, संभावनाएँ एवं सीमाएँ होती हैं । हर व्यक्ति की दो तसवीरें होती हैं- धवल और धूमिल । चरित्र के कुछ विशेष गुणों के कारण ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अंतर मालूम पड़ता है । जिस किसी के भी जीवन में अच्छाई, सदाचार, विनम्रता, सच्चाई एवं विश्वसनीयता होगी-उसका प्रभाव सब पर अवश्य होगा । ऐसा व्यक्ति ही रचनात्मक तथा सकारात्मक कार्य कर सकता है । जो व्यक्ति इन गुणों से युक्त होगा, उसमें नैतिकता अपने आप आ जाएगी । प्रस्तुत पुस्तक में विभिन्न क्षेत्रों के अनुकरणीय व्यक्तित्वों का दिग्दर्शन भी कराया गया है, ताकि किशोर एवं युवा उनके जीवन- अनुभवों से लाभ उठाएँ और उन्हें अपना आदर्श मानकर अपने जीवन को उज्ज्वल बनाएँ तथा आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण करें । आशा है, यह व्यावहारिक एवं वस्तुपरक पुस्तक सभी आयु वर्ग के लोगों को पसंद आएगी और उनके व्यक्तित्व-निर्माण में सहायक सिद्ध होगी ।
Language: Hindi
Page No: 168
Legal Disclaimer: Product images are for illustrative purposes only. Images/packaging/ labels may vary from time to time due to changes made by the manufacturer's manufacturing batch and location.
Original: $17.67
-65%$17.67
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Vyaktitva Nirman (Tips To Building A Strong Personality) Personal Transformation Personality Development Success Book In Hindi-Madanlal Shukla
About the Products:
व्यक्ति के जविन के मुख्यत: छह पड़ाव होते हैं-शिशु बालक, किशोर, युवा, प्रौढ एवं वृद्ध । इन्हीं अवस्थाओं में व्यक्तित्व का निर्माण और विकास होता है । व्यक्तित्व- निर्माण में अनेक अवरोध आते हैं । हर अवस्था की अपनी एक क्षमता, संभावनाएँ एवं सीमाएँ होती हैं । हर व्यक्ति की दो तसवीरें होती हैं- धवल और धूमिल । चरित्र के कुछ विशेष गुणों के कारण ही एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अंतर मालूम पड़ता है । जिस किसी के भी जीवन में अच्छाई, सदाचार, विनम्रता, सच्चाई एवं विश्वसनीयता होगी-उसका प्रभाव सब पर अवश्य होगा । ऐसा व्यक्ति ही रचनात्मक तथा सकारात्मक कार्य कर सकता है । जो व्यक्ति इन गुणों से युक्त होगा, उसमें नैतिकता अपने आप आ जाएगी । प्रस्तुत पुस्तक में विभिन्न क्षेत्रों के अनुकरणीय व्यक्तित्वों का दिग्दर्शन भी कराया गया है, ताकि किशोर एवं युवा उनके जीवन- अनुभवों से लाभ उठाएँ और उन्हें अपना आदर्श मानकर अपने जीवन को उज्ज्वल बनाएँ तथा आदर्श व्यक्तित्व का निर्माण करें । आशा है, यह व्यावहारिक एवं वस्तुपरक पुस्तक सभी आयु वर्ग के लोगों को पसंद आएगी और उनके व्यक्तित्व-निर्माण में सहायक सिद्ध होगी ।
Language: Hindi
Page No: 168
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