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Zinda Rehne Ki Zid - Naresh Kaushik

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Zinda Rehne Ki Zid - Naresh Kaushik

Zinda Rehne Ki Zid - Naresh Kaushik

About The Product:

ऑनर किलिंग महिलाओं के खिलाफ़ ऐसा घिनौना अपराध है जिसके लिए कठिन-से-कठिन सज़ा मिलनी चाहिए। लेकिन ऑनर किलिंग पितृप्रधान समाज में अपराध माना ही नहीं जाता बल्कि समाज इसके पक्ष में खड़ा होता है। ऑनर किलिंग दुनिया के अनेक देशों में होती है, और भारत में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों में इसका कहर है जहाँ लड़कियों को अक्सर जन्म होते ही मार दिया जाता है और यदि वे किसी तरह से बच भी जायें तो उन्हें अच्छे पोषण और शिक्षा से वंचित रखा जाता है। उन्हें आधुनिक पहनावे और स्मार्टफ़ोन रखने की इजाज़त नहीं होती है और गलती से उन्हें दूसरी जाति या धर्म के युवा से प्रेम हो जाए तो परिवार की इज़्ज़त की खातिर उनको ऑनर किलिंग की भेंट कर देते हैं। ज़िंदा रहणे की ज़िद हरियाणा की एक लड़की दुर्गा की कहानी है जो हर मोड़ पर कठिन परिस्थितियों से लड़ती और मौत से बचती-बचाती अपने जीने का रास्ता खुद चुनती है। इस पुस्तक की दुर्गा तो बच गई लेकिन आँकड़े बताते हैं कि हर वर्ष अनगिनत लड़कियाँ इस क्रूर ऑनर किलिंग का शिकार होती हैं। लेखिका नरेश कौशिक पिछले तीस साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हरियाणा में जन्मी और पली-बढ़ीं वे उस क्षेत्र और समाज से भली-भाँति परिचित हैं। यह पुस्तक उनकी आँखों देखी सच्ची घटना पर आधारित है। उन्होंने अभी तक 20 से अधिक पुस्तकों का अनुवाद किया है। रबी उनकी पहली पुस्तक है। वर्तमान में वे दक्षिण एशिया की प्रतिष्ठित समाचार-एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट आफ़ इंडिया’ में कार्यरत हैं।

Product Details:

  • Author: Naresh Kaushik
  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 144
  • Publication Date: 2026

    Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

  • $5.00

    Original: $14.30

    -65%
    Zinda Rehne Ki Zid - Naresh Kaushik

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    Zinda Rehne Ki Zid - Naresh Kaushik

    About The Product:

    ऑनर किलिंग महिलाओं के खिलाफ़ ऐसा घिनौना अपराध है जिसके लिए कठिन-से-कठिन सज़ा मिलनी चाहिए। लेकिन ऑनर किलिंग पितृप्रधान समाज में अपराध माना ही नहीं जाता बल्कि समाज इसके पक्ष में खड़ा होता है। ऑनर किलिंग दुनिया के अनेक देशों में होती है, और भारत में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों में इसका कहर है जहाँ लड़कियों को अक्सर जन्म होते ही मार दिया जाता है और यदि वे किसी तरह से बच भी जायें तो उन्हें अच्छे पोषण और शिक्षा से वंचित रखा जाता है। उन्हें आधुनिक पहनावे और स्मार्टफ़ोन रखने की इजाज़त नहीं होती है और गलती से उन्हें दूसरी जाति या धर्म के युवा से प्रेम हो जाए तो परिवार की इज़्ज़त की खातिर उनको ऑनर किलिंग की भेंट कर देते हैं। ज़िंदा रहणे की ज़िद हरियाणा की एक लड़की दुर्गा की कहानी है जो हर मोड़ पर कठिन परिस्थितियों से लड़ती और मौत से बचती-बचाती अपने जीने का रास्ता खुद चुनती है। इस पुस्तक की दुर्गा तो बच गई लेकिन आँकड़े बताते हैं कि हर वर्ष अनगिनत लड़कियाँ इस क्रूर ऑनर किलिंग का शिकार होती हैं। लेखिका नरेश कौशिक पिछले तीस साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हरियाणा में जन्मी और पली-बढ़ीं वे उस क्षेत्र और समाज से भली-भाँति परिचित हैं। यह पुस्तक उनकी आँखों देखी सच्ची घटना पर आधारित है। उन्होंने अभी तक 20 से अधिक पुस्तकों का अनुवाद किया है। रबी उनकी पहली पुस्तक है। वर्तमान में वे दक्षिण एशिया की प्रतिष्ठित समाचार-एजेंसी ‘प्रेस ट्रस्ट आफ़ इंडिया’ में कार्यरत हैं।

    Product Details:

  • Author: Naresh Kaushik
  • Language: Hindi
  • No. of Pages: 144
  • Publication Date: 2026

    Legal Disclaimer: Product color may slightly vary due to photographic lighting sources or your monitor settings.

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